वीडियो : रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति पद की ली शपथ, जानिए क्या होते हैं राष्ट्रपति के अधिकार

वीडियो :  रामनाथ  कोविंद ने  राष्ट्रपति पद की ली शपथ, जानिए क्या होते हैं राष्ट्रपति के अधिकारकोविंद आज लेंगे राष्ट्रपति पद की शपथ।

नई दिल्ली। नव निर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में संसद भवन के सेंट्रल हॉल में श्पथ ले लिया। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 12.15 बजे आयोजित हुआ । नव-निर्वाचित राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश के सामने शपथ लेने के बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गयी।

राष्ट्रपति के अधिकार

नियुक्ति सम्‍बंधी अधिकार (Employment rights) - भारत के राष्‍ट्रपति के द्वारा निम्‍न नियुक्‍तियॉ की जाती है जिनमें प्रमुख हैं

  • भारत के प्रधानमंत्री और उनके सलाहकार
  • सर्वोच्‍च और उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश
  • राज्‍यों के राज्‍यपाल
  • सभी चुनाव आयुक्‍त
  • भारत के नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक आदि

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संसद सदस्‍य के मनोनयन का अधिकार

जब राष्‍ट्रपति को यह लगे कि लोकसभा में आंग्‍ला भारतीय समुदाय के व्‍यक्ति का समुचित प्रतिनिधित्‍व नहीं है तो वह उस समुदाय के दो व्‍यक्तियों को लोकसभा के सदस्‍य के रूप में मानोनीत कर सकते हैं इसी प्रकार वह कला, साहित्‍य, पत्रकारिता, विज्ञान, आदि में पर्याप्‍त अनुभव रखने वाले 12 व्‍यक्तियों को राज्‍यसभा में मनोनीत कर सकते हैं।

अध्‍यादेश जारी करने का अधिकार

जब संसद के दोंनों सदन सत्र में नहीं होते हैं तब सविधान के अनुच्‍छेद 123 तहत राष्‍ट्रपति अध्‍यादेश जारी कर सकते हैं, जिसका प्रभाव संसद सत्र के शुरू होने के छ: सप्‍ताह तक रहता है।

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राजनैतिक शक्‍ति

दूसरे देशों के साथ कोई भी समझौता या संधि राष्‍ट्रपति के नाम से की जाती है राष्‍ट्रपति विदेशों के लिए भारतीय राजदूतों की भी नियुक्ति करते हैं

क्षमादान की शक्ति

राष्‍ट्रपति को संविधान के अनुच्‍छेद 72 के तहत किसी भी व्‍यक्ति के दंड को क्षमा करने की शक्ति प्राप्‍त है या उसकी सजा को कम करने का अधिकार है अगर राष्‍ट्रपति में एक बार याचिका रद्द कर दी हो तो दूसरी बार याचिका दायर नहीं की जा सकती है

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राष्‍ट्रपति की आपातकालीन शक्तियाँ

भारतीय संविधान के अनुच्‍छेद 352 से लेकर 362 तक आपातकाल से संबधित जानकारी है इसके अनुसार मंत्रीपरिषद् के परामर्श से राष्ट्रपति तीन प्रकार के आपात काल लागू कर सकते हैं-

  • युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण लगाया गया आपात
  • राज्यों के संविधानिक तंत्र के विफल होने कारण लगाया गया आपात
  • वित्‍तीय आपात

राष्‍ट्रपति संविधान के अनुच्‍छेद 143 के अंतर्गत किसी सार्वजनिक महत्‍व के प्रश्‍न पर उच्‍चतम न्‍यायालय से परामर्श ले सकते हैं लेकिन वह यह परामर्श मानने के लिए बाध्‍य नहीं हैं।

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देखिए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह का वीडियो

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