“मेरी मौत का जिम्मेदार देश के प्रधानमंत्री मोदी जी हैं”

“मेरी मौत का जिम्मेदार देश के प्रधानमंत्री मोदी जी हैं”मृतक किसानों के परिजनों के साथ किसान नेता मनीष जाधव (बाएं से पहले।)

नई दिल्ली। “मुझे इस साल दिवाली की वो शाम नहीं भूलती है जब सारी दुनिया में दीपक जलाते हुए खुशियां मनाई जा रही थी, उसी समय मेरे पिता ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर लिया।” ये बताते हुए आशा पवार की आँखों में आंसू आ जाते हैं और गला बैठ जाता है।

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18 वर्षीय आशा महाराष्ट्र के येवतमाल जिले के महगांव की रहने वाली हैं। नई दिल्ली में संसद मार्ग पर आयोजित किसान मुक्ति संसद में भाग लेने आई आशा उन दर्जनों लोगों में शामिल हैं जिनके परिवार का कोई न कोई सदस्य खेती किसानी में हुई हानि और साहुकारो के क़र्ज़ से आत्महत्या कर लिया। आशा बताती हैं "पिछले दो साल से उनकी कपास की फसल ख़राब हो गयी थी एस फसल के लिए उनके पिता गाँव के साहूकार से क़र्ज़ लिए थे। क्यूंकि बैंक से उनको लोन नहीं मिला था। ऐसे में जहाँ एक तरफ फसल नहीं हुई वहीं साहूकार का क़र्ज़ बढ़ता गया। क़र्ज़ के बदले साहूकार ने उनकी खेती की ज़मीन को बंधक बना लिया।

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आशा बताती हैं "इस दिवाली को जब उन लोगों ने पिता से कपड़े की मांग की तो पिता बाज़ार जाने का बहाना कर के खेत चले गए और वहां पर कीटनाशक पीकर अपनी जान दे दी। पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के येवतमाल जिला किसानों की कब्रगाह बना हुआ है। पिछले एक साल में यहाँ के 33 किसानों ने खेती से हुई हानि और बढ़ते क़र्ज़ से तंग आकर आत्महत्या कर ली है। येवतमाल जिले के किसान नेता मनीष जाधव बताते है किसानों के मुद्दों को लेकर अभियान चला रहे हैं और किसान मुक्ति संसद में भाग लेने दिल्ली आए हुए हैं।

बीच में आशा पवार।

उन्होंने आगे बताया कि महाराष्ट्र में सैकड़ों ऐसे बच्चे है जिनके किसान पिता ने आत्महत्या कर ली है और ऐसे बच्चों के सामने आगे की जिंदगी और पढ़ाई को जारी रखना मुश्किल हो गया है। सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है।

येवतमाल जिले के सुनील मुलोड़कर (14 वर्ष) भी उन बच्चों में शामिल हैं जिनके पिता ने खेती से हुई हानि के कारण आत्महत्या कर ली है। सुनील बताते हैं "तीन साल पहले उनका परिवार सुख में जीवन जीता था। कपास और बाजरे की खेती से घर परिवार का खर्च आसानी से चल जाता था लेकिन पिछले दो साल से ख़राब होती गई। बीज, खाद और कीटनाशक की खरीद के लिए साहूकार से लिया गया खर्च बढ़ता गया जिससे उनके परिवार की स्थिति ख़राब होती गई और तीन महिना पहले उनके पिता कशी मुलोड़कर और भाई अनिल मुलोधाकर ने आत्महत्या कर ली।

सुनील।

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अखिल भारतीय किसान समन्वय संघर्ष समिति के नेता और सांसद राजू शेट्टी ने बताया "महाराष्ट्र के मंवंकर गाँव के एक किसान ने खुदकुशी करते हुए पेड़ पर लिखा "मेरी मौत का ज़िम्मेदार देश के प्रधानमंत्री मोदी जी हैं” राजू शेट्टी ने कहा की क्या मोदी जी पर धारा 310 के तेहत मुकदमा नहीं होना चाहिए।

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