बच्चों के बस्ते का बोझ होगा कम, 25 स्कूलों में प्रयोग शुरू 

बच्चों के बस्ते का बोझ होगा कम, 25 स्कूलों में प्रयोग शुरू स्कूली बैग।

नई दिल्ली (भाषा)। सरकार ने आज कहा कि वह स्कूली बच्चों पर बस्ते का बोझ कम करने के पक्ष में है। इसी के तहत 25 केंद्रीय विद्यालयों में प्रायोगिक परियोजना शुरू की गयी है। इसके तहत कक्षा आठ के सभी बच्चों को टेबलेट दिए जाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राज्यसभा में पूरक प्रश्नों के उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी स्कूली बच्चों पर बस्ते का बोझ कम करने के लिए विभिन्न उपाय किये हैं। उन्होंने इस संबंध में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।

टेबलेट से होगी पढ़ाई

चुने गए सभी 25 केंद्रीय विद्यालय अलग-अलग क्षेत्रों से हैं, जिनके कक्षा आठ के बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाले टेबलेट दिए जाने की परियोजना शुरू की गयी है। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि विद्यार्थी और साथ ही उनके गणित एवं विज्ञान के शिक्षक इन विषयों में अपने मुख्य कौशल को बढ़ाने के लिए इन टेबलेट का प्रयोग करेंगे। जावड़ेकर ने कहा कि एनसीईआरटी ने कक्षा एक एवं दो के लिए केवल दो पुस्तकें (भाषा और गणित) तथा कक्षा तीन से पांच के लिए तीन पुस्तकें (भाषा, पर्यावरण अध्ययन एवं गणित) की सिफारिश करे। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीईआरटी ने सहज सुलभता के लिए अपनी पाठ्यपुस्तकें वेब और मोबाइल डिवाइस के माध्यम से उपलब्ध कराई हैं।

सीबीएसई ने भी की है पहल

उन्होंने कहा कि सीबीएसई ने अपने से संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें के कक्षा दो तक के छात्र बस्ता लेकर स्कूल नहीं आएं। सीबीएसई ने 12 सितंबर 2016 को अपने नवीनतम परिपत्र में अपने से संबद्ध स्कूलों को ये निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गय है कि वे स्कूल बस्ते के बोझ को नियंत्रित करने के लिए सभी संभव उपाय करें। मानव संसाधन विकास मंत्री ने स्कूली बच्चों को बस्ते के बोझ को कम करने की दिशा में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तमिलनाडु एवं तेलंगाना में चल रहे प्रयासों की सराहना की।

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