पंजाब में नहीं थम रहा किसानों की आत्महत्या का सिलसिला

पंजाब में नहीं थम रहा किसानों की आत्महत्या का सिलसिलापंजाब में कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या का सिलसिला नहीं रुक रहा है।

लखनऊ। कभी अपनी समृद्धि के लिए जाने-जाने वाले पंजाब में कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या का सिलसिला नहीं रुक रहा है। पिछले तीन महीने में पंजाब में 37 किसान खुदकुशी कर चुके हैं। ऐसे में पंजाब में किसानों के हालत को लेकर देशभर में कृषि से जुड़े लोग चिंता में हैं।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की कर्जमाफी की घोषणा के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से भी पंजाब के किसानों ने कर्जमाफी की मांग की है। वहां के किसानों को 16 जून का इंतजार है, इस दिन पंजाब सरकार अपना बजट पेश करेगी।

पंजाब में किसानों की आत्महत्या के बढ़ते मामलों की पड़ताल करने के लिए सरकार के आदेश पर पंजाब कृषि विश्वविद्यायल, पंजाबी विश्वविद्यालय और गुरुनानकदेव विश्वविद्यालय ने एक संयुक्त सर्वे किया था। इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2000 से लेकर 2010 तक पंजाब में 6926 किसानों ने आत्महत्या की थी।

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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर किसानों की आत्महत्या के कारणों की पता लगाने वाली टीम के सदस्य प्रो. सुखपाल सिंह बताते हैं, “पंजाब के ग्रामीण इलाकों में हमारी रिपोर्ट के अनुसार 35,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। किसानों की आय इतनी नहीं है कि वह कर्ज दे सकें। अधिकतर किसान आढ़तियों से भी कर्ज लिए हैं। जो उनके आत्महत्या का कारण बन रहा है।“

चंडीगढ़ स्थित ग्रामीण एवं औद्योगिक विकास अनुसंधान केन्द्र की ओर से किए गए अध्ययन के अनुसार, पंजाब के 96 फीसदी ग्रामीण परिवारों की आय उनके खर्च की तुलना में कम है। 98 फीसदी ग्रामीण परिवार कर्ज में डूबे हैं। ऐसे में पंजाब की भयावह स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कृषि मामलों के जानकार और पंजाब के अर्थशास्त्री सुच्चा सिंह बताते हैं, “पंजाब के कर्ज के कारण किसानों की आत्महत्या के मामले साल 1997 में तब शुरू हुए थे, जब पंजाब के कांटन बेल्ट में फसल बर्बाद होने पर कपास किसान कर्ज न चुकाने के कारण आत्महत्या करने लगे।“

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मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित जाने माने कृषि पत्रकार पी. साईंनाथ ने बताया, “फसल की बर्बादी और कर्ज का बोझ किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। खेती के लिए प्रसिद्ध पंजाब राज्य में खुदकुशी के मामले बहुत ही खतरनाक ट्रेंड की तरफ इशारा कर रहे हैं। सरकारों के पास अभी भी वक्त हैं वह किसानों की स्थिति पर ध्यान दें। किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की जो सिफारिशें है, उसके जल्द से जल्द लागू करें।“

पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने पिछले दिनों बताया कि उनकी सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान की खोज के लिए एक विशेषज्ञ टीम बनाई है। जल्द ही किसानों की सारी समस्याओं को दूर किया जाएगा।

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