महिलाओं पर नहीं चल सकता है रेप का आरोप: सुप्रीम कोर्ट

महिलाओं पर नहीं चल सकता है रेप का आरोप: सुप्रीम कोर्टसाभार: इंटरनेट।

सुप्रीम कोर्ट ने पुरूषों से 'रेप' संबंधी उस याचिका को खारिज कर दिया जिसे अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा द्वारा दायर किया गया था। याचिका में कहा गया कि अमूमन पुरूषों को भी महिलाओं के द्वारा यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है।

ऐसे में महिलाओं को भी पुरूषों की तरह रेप और यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में दण्डित किया जाए। क्योंकि पुरूषों का भी रेप किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि ये संसद का काम है और वही इस पर फैसला ले सकती है। ऐसे कानून महिलाओं के संरक्षण के लिए बनाए गए हैं।

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अधिवक्ता ने अपनी याचिका में दुष्कर्म जैसे अपराध को जेंडर मुक्त करने की सिफारिश भी की थी। उन्होंने याचिका में दलील दी कि यौन अपराध किसी लिंग के आधार पर तय नहीं होना चाहिए। ऐसा करना पुरूषों के मूल अधिकारों का भी हनन है। वर्तमान कानून के तहत अगर ऐसा कोई मामला आत है तो आरोपी को धारा 377 के तहत सजा दी जाती है। पुरुषों से जुड़े ऐसे अपराधों को रेप नहीं बल्कि अप्राकृतिक यौनाचारा की श्रेणी में रखा जाता है।

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Tags:    supreme court 
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