जागरुकता की कमी और असावधानी से बढ़ी दिव्यांगता : योगी आदित्यनाथ

जागरुकता की कमी और असावधानी से बढ़ी दिव्यांगता : योगी आदित्यनाथयोगी आदित्यनाथ।

लखनऊ (भाषा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यापक जन जागरुकता की कमी और असावधानी को भी बढ़ती दिव्यांगता का कारण बताते हुए आज कहा कि अगर समय से टीकाकरण कराया जाए तो बड़ी संख्या में बच्चों को पोलियो से बचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने विश्व दिव्यांग दिवस पर यहां आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में कहा कि बहुत से ऐसे मानवीय कारण हैं, जिनके कारण दिव्यांगता बढ़ी है। समय पर टीकाकरण करायें तो बहुत से बच्चों को पोलियोग्रस्त होने से रोका जा सकता है।

उन्होंने कहा, ''जब हम सावधानी नहीं बरतते, तब सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुचाने के व्यापक जागरुकता अभियान का हिस्सा नहीं बन पाते तो एक प्रतिभा दिव्यांगता की चपेट में आकर जीवन के लिये जूझती है। समाज की संवेदना उसके साथ होनी चाहिये। इस समस्या के समाधान की दिशा में हमारे स्तर पर भी बेहतर प्रयास होना चाहिये।

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योगी ने कहा कि जिन दिव्यांगजनों ने थोड़ा भी प्रयास किया, तो दिव्यांगता उनके जीवन की सफलता को कभी बाधित नहीं कर पायी। अरणिमा सिन्हा ने एक कृत्रिम पैर के सहारे एवरेस्ट को फतह किया, वहीं युवा आईएएस अधिकारी सुहास एल. वाई ने पिछले दिनों बीजिंग में एशियन पैराबैडमिंटन में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। जहां लोगों ने दिव्यांगता को चुनौती मानते हुए उसका सामना किया, उन्हें सफलता मिली। जो लोग उसे अभिशाप मानकर चुपचाप बैठ गये, तो सामाजिक विषमता की तरह ही विकलांगता भी उनके जीवन में बाधा बन जाती है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह महिलाओं के सशक्तीकरण के लिये काम हुआ जिन्होंने आगे बढ़कर चुनौती की तरह लेकर उसका मुकाबला किया, वे सफल हुईं, जहां लोग नियति का खेल मानकर चुप बैठे उनके लिये यह अभिशाप बन गया। हमें किसी भी बुराई को अभिशाप नहीं बनने देना है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मान्यता है कि इस धरती पर कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं हो सकता है। सरकार और इस क्षेत्र में काम करने वाले संगठन अगर एक योजक के रुप में काम शुरु करें तो हरेक व्यक्ति की प्रतिभा का लाभ समाज और देश को प्रदान किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सभी धर्मों में सेवा को परम धर्म के रुप में मानते हुए उसे सर्वोच्च स्थान दिया गया है। सेवा का कोई विकल्प नहीं हो सकता और ना ही सौदेबाजी हो सकती है। जब हम सेवा को निष्काम भाव के साथ पात्रों तक पहुंचाते हैं तो हम पुण्य के भागी बनते हैं। वह कार्य परमार्थ होता है। जब हम सेवा के साथ व्यापार करने लगते हैं तो वह व्यक्ति के लिये परमार्थ का विषय ना होकर उसके पतन का कारण बनता है।

योगी ने कहा कि प्रदेश के दिव्यांग कल्याण विभाग ने बेहतर प्रयास किये हैं। उनकी सरकार ने दिव्यांगों की पेंशन 300 से बढाकर 500 रुपये प्रतिमाह किया है।

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