देसी घी से सुधरेगी कुपोषित बच्चों की सेहत

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लखनऊ। प्रदेश सरकार अब कुपोषित गर्भवती महिला को हर दिन दोपहर में गरम भोजन, दूध, फल और आयरन की दवा मिलेगी, जबकि 14.60 लाख कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार के साथ प्रतिदिन देसी घी भी उपलब्ध कराया जायेगा। 

भोजन पकवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होगी और वितरण में आगनबाड़ी कार्यकर्ता का सहयोग होगा। मातृत्व विकास को सशक्त करने और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के पोषण में सुधार के लिए प्रतिदिन दोपहर में गरम भोजन, आयरन की गोली, दूध और फल खिलाने का फैसला लिया गया है।

कैलोरी और प्रोटीन की खाई की भरपायी, एनीमिया दूर करने के लिए महिलाओं की नियमित जांच और संस्थागत प्रसव भी कराया जाएगा। सरकार ने 14.60 लाख अति कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए “हौसला फीडिंग” चलाने का फैसला लिया है। बाल एवं पुष्टाहार के विशेष सचिव अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में 06 महीने से 06 वर्ष के अति कुपोषित बच्चों को प्रतिदिन मध्यान्ह में गरमा-गरम भोजन परोसा जाएगा। उन्हें फल दिया जाएगा। सरकार ने अतिकुपोषित बच्चों को 20 ग्राम प्रति बच्चा प्रति दिन देशी घी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दुग्ध विकास विभाग व पीसीडीएफ द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जाएगी।

ग्राम प्रधान पर भोजन की व्यवस्था

भोजन पकवाने का उत्तरदायित्व ग्राम प्रधान का होगा। आच्छादित लाभार्थियों को भोजन कराने की जिम्मेदारी प्रधान के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का भी होगा। भोजन में आयोडाइच्ड नमक का प्रयोग अनिवार्य होगा। भोजन पकाने हेतु मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्राथमिक विद्यालय के रसोईघर और अन्य अवस्थापना सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हौसला फीडिंग कार्यक्रम की जानकारी लोगों को दी जाएगी।

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