इतना अनाज है कि 6 महीने तक दुनिया का पेट भर सकता है अपना देश

इतना अनाज है कि 6 महीने तक दुनिया का पेट भर सकता है अपना देशअनाज उत्पादन के मामले कई रिकार्ड भारत के नाम हैं, पढ़िए कुछ रोचक तथ्य।

हमारा किसान कितनी मेहनत से अनाज उगाता है, उसे अच्छी कीमत मिले ये जरुरी है, लेकिन दूसरा पहलू देश का है.. हमारे यहां आज भी इतना अनाज रखा है कि कोई आपदा आ जाए जो 6 महीने तक भारत पूरी दुनिया का पेट भर सकता है।

भारत में वर्ष 2014-15 में 95.5 लाख टन गेहूं पैदा हुआ था। तमाम समस्याओं को बीच भारत का किसान इनता अन्न उगाता है और सरकार के पास इतना भंडार है कि अगर दुनिया के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाए तो भारत सबको 6 महीने तक खाना खिला सकता है।

कई चीजों के बंपर उत्पादन वाले भारत कई चीजें ऐसी हैं जो न हों तो बेहतर वर्ना 6 महीने नहीं पूरे साल देश के उगाए किसानों के अनाज से दुनियावाले खा सकेंगे, लेकिन हमारे यहां हर साल 2.1 करोड़ टन सिर्फ गेहूं बर्बाद हो जाता है। आप को जानकर हैरानी होगी कि आस्ट्रेलिया का पूरा अन्न उत्पादन ही इतना है।

भारत एक कृषि प्रधान देश है। करीब 67% भारतीय गांवों में रहते हैं, जिनमें ज्यादातर की रोजी-रोटी का जरिया खेती है। खाद्य फसलों और तिलहन का उत्पादन करते हैं। वे वाणिज्यिक फसलों के उत्पादक है। वे हमारे उद्योगों के लिए कुछ कच्चे माल का उत्पादन करते इसलिए वे हमारे राष्ट्र के जीवन रक्त है। भारत के लोग लगभग 60 % कृषि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निर्भर है।

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खेती से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्‍य इस प्रकार हैं-

  • भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 51 फीसदी भाग पर कृषि, 4 फीसदी पर पर चरागाह, लगभग 21 फीसदी पर वन और 24 फीसदी बंजर और बिना उपयोग की है।
  • भारत के पास इतना अनाज हैं कि अगर पूरी दुनिया भूखा मर रही हो तो हम 6 महीने तक पूरी दुनिया को खाना खिला सकते हैं।
  • कृषि मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार भारत में वर्ष 2014 -15 में गेंहू की रिकार्ड 95.9 लाख टन की पैदावार हुई थी।
  • किसान कितनी मेहनत से अनाज उगाता हैं, लेकिन फिर भी हर साल भारत में “2.1 करोड़ टन” गेहूँ खराब हो जाता हैं। आस्ट्रेलिया के कुल अनाज के बराबर।

  • दुनिया में कपास का प्रोडक्शन करने वाला भारत दूसरा देश है। हमारे यहां का कपास विदेशों में खूब भेजा जाता है. जर्मनी, इटली में भारत से भेजा हुआ कपास ख़ासा लोकप्रिय है।
  • भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से कृषि पर निर्भर है।
  • मसाला उत्पादन में भारत दुनिया में सबसे आगे है। हर साल यहां विश्व में सबसे ज़्यादा 1.5 मिलियन टन मसालों का उत्पादन होता हैं।
  • दुनिया भर में भारत से भेजी हुई चाय पी जाती है। भारत की 50 प्रतिशत चाय की खेती असम में होती है।
  • चावल की खेती करने वाले देशों में भारत ऐसा दूसरा देश है, जहां सबसे ज़्यादा चावल का प्रोडक्शन होता है। पहले नंबर पर चीन हैं।
  • पूरी दुनिया में भारत ऐसा देश है, जहां से केले पूरी दुनिया में भेजे जाते हैं।
  • भारत के राज्य उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक गन्ने की खेती होती है और इसी वजह से गन्ने की पैदावार के मामले में भारत दूसरे स्थान पर हैं।
  • जितनी विदेशी आय आईटी क्षेत्र से प्राप्त होती हैं उसके बराबर ही कृषि क्षेत्र से भी प्राप्त होती हैं।
  • भारत विश्व में उर्वरक (फर्टिलाइजर) का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता देश है।
  • पोटाशियम फर्टिलाइजर का पूरी तरह आयात किया जाता है।
  • आम, केला, चीकू, खट्टे नींबू, काजू, नारियल, काली मिर्च, हल्दी के उत्पादन में भारत का स्थान पहला है।
  • फलों और सब्जियों के उत्पादन में भारत का स्थान दुनिया में दूसरा है।

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