ट्रंप को हर पल सताता है मरने का डर, स्टाफ का दिया खाना खाने से हिचकते हैं

ट्रंप को हर पल सताता है मरने का डर, स्टाफ का दिया खाना खाने से हिचकते हैंडोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप का नाम तभी से सुर्खियों में है उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर नामांकन कराया था। बिना छीले संतरा खाने से लेकर, गोल्ड प्लेटेड कार खरीदने तक उनकी कई कहानियां मीडिया की सुर्खियां बनीं। अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद उनके नखरे पहले से कितने ज़्यादा बढ़ गए इस बारे में खुलासा करते हुए अमेरिकी लेखक व पत्रकार माइकल वोल्फ एक किताब लिखी है ‘फायर एंड फ्यूरी: इनसाइड द ट्रम्प व्हाइट हाउस’। उन्होंने इस किताब में लिखा है कि कैसे व्हाइट हाउस आने के बाद ट्रंप अपने स्टाफ पर भड़कते थे, उन्हें अपने साथ काम करने वालों पर बिल्कुल भरोसा नहीं था।

इस किताब में माइकल ने लिखा - ट्रम्प के किसी भी कर्मचारी को अपनी किसी चीज़ को हाथ नहीं लगाने देते थे। ख़ासकर उनका टूथब्रश। ट्रंप को डर था कि हो सकता है उन्हें कोई ज़हर देकर मार दे। अगर शाम को 6.30 बजे तक ट्रंप को खाना नहीं मिला तो वे अपने बिस्तर पर चले जाते और वहीं चीज़ बर्गर खाते। ट्रंप अक्सर मैकडोनाल्ड्स का बर्गर खाते। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें डर रहता कि कहीं कोई कर्मचारी उनके खाने में ज़हर न मिला दे, इसलिए वे अपने आप मैकडोनाल्ड्स के स्टोर पहुंच जाते और बर्गर लेकर वहां से निकल जाते।

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विश्वास था कि हार जाएंगे

टेलीग्राफ के मुताबिक, पुस्तक में लिखा है कि जब ट्रंप ने अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीता तो बहुत खुश थीं लेकिन ट्रंप के चेहरे पर उससे समय डर के भाव थे। ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने कोई भूत देख लिया हो, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि वे हार जाएंगे।

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किताब में लिखा है कि ट्रंप टीवी देखने के शौकीन हैं। कभी-कभी वे एकसाथ तीन-तीन टीवी स्क्रीन को देखते हुए अपने दोस्तों से फोन पर मीडिया के बारे झुंझलाते हुए चर्चा किया करते थे। वह अपने बिस्तर को अक्सर पलट कर रखते थे और अपने कर्मचारियों से कह रखा था कि उनकी चादरें तभी धोई जाए, जब वे धोने को कहें।

व्हाइट हाउस ने कहा रोकी जाए किताब की बिक्री

व्हाइट हाउस ने एक बयान ज़ारी कर कहा है कि इस किताब में लिखी गई कोई भी बात सही नहीं है और लेखक का व्हाइट हाउस से कोई संबंध नहीं है। व्हाइट हाउस से किताब की बिक्री को रोकने का भी फरमान ज़ारी हुआ है।

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