रायबरेली ज़िले के चार हज़ार नलों की हालत तस्वीर में दिख रहे इस नल जैसी ही है

Kishan KumarKishan Kumar   17 April 2017 9:12 AM GMT

रायबरेली ज़िले के चार हज़ार नलों की हालत तस्वीर में दिख रहे इस नल जैसी ही हैख़राब पड़ा हैण्डपंप।

किशन कुमार, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

रायबरेली। जिले में पीने के पानी की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। तमाम पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के यहां से फरमान पर फरमान जारी किए जा रहे हैं, लेकिन भीषण गर्मी में लोग पानी को तरस रहे हैं। उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।

जिले की स्थिति यह है कि 4151 इण्डिया मार्का हैण्डपम्प खराब हो चुके हैं, इन्हें रिबोर कराया जाना था। दो साल पहले यह सूची बनाई गयी थी तब से आज तक एक टेबल से दूसरी टेबल तक यह सूची घूम रही है। जल निगम के पास बजट न होने से इन्हें रिबोर नहीं किया जा सका है। इससे करीब पांच लाख से ज्यादा लोगों को पेयजल की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

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विभागीय जानकारी के अनुसार विधायक निधि से दो साल पहले 782 हैण्डपम्प रिबोर किए गए थे, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला। लगातार गिरते जा रहे भू-जल स्तर से इण्डिया मार्का हैंडपम्प लगातार खराब हो रहे हैं। गाँव में ऐसे तमाम हैंडपम्प हैं जो मामूली कमियों के कारण काम नहीं कर रहे हैं, इनकी कोई सूची भी नहीं है। हालांकि इनकी मरम्मत की जिम्मदारी ग्राम पंचायतों की है, लेकिन ग्राम प्रधान भी इन्हें ठीक कराने में रुचि नहीं दिखा रहा है।

पिछले साल 782 इंडिया मार्का रीबोर कराये गए थे लेकिन 4151 हैंडपंप अभी भी ख़राब हैं। इनकी सूची तैयार कर ली गई है वहीँ चार पाईप पेयजल योजनायें बंद पड़ी है। इनके नलकूपों को भी रिबोर कराये जाने की जरूरत है। बजट न होने के कारण कार्य रूका हुआ है। बजट मिलने पर कार्य पूरा कराया जायेगा। हैण्डपम्पों को सही कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है।
जनार्दन सिंह, एक्सईएन

जिले में पाइप पेयजल योजनाओं का भी बुरा हाल है। शिवगढ़ ब्लाक की ग्राम पंचायत नेरथुआ पेयजल योजना एक साल से बन्द हैं। ऊंचाहार ब्लाक की खरौली ग्राम सभा की पेयजल योजना का नलकूप काम नहीं कर रहा है। इन योजनाओं के नलकूपों को रिबोर कराए जाने की जरूरत है। इसी तरह ऊंचाहार की गनपी, कुशल का पुरवा, कदरावां में भी पेयजल योजना कार्य नहीं कर रही है।

रायबरेली के मुख्य विकास अधिकारी हरिराम ने पेयजल संकट को गम्भीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज्य अधिकारी और सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ग्रामीण इलाकों में सामान्य मरम्मत के आभाव में खराब पड़े हैण्डपम्पों को तीन दिन में सुधारा जाए।

यही नहीं इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है कि अगर तीन दिन में हैण्डपम्प की मरम्मत नहीं होती है तो ग्रामीण कंट्रोल रूम के फोन नम्बर 0535-220339 पर शिकायत कर सकते हैं।

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