Kishan Kumar

Kishan Kumar

Swayam Desk रिपोर्टर और कॉर्डिनेटर, स्वयं प्रोजेक्ट, जिला-रायबरेली, उत्तर प्रदेश


  • देसी फार्मूला वन रेस देखी है आपने, और जब बैलगाड़ियां दौड़ पड़ीं...

    रायबरेली। जनपद के हरचंदरपुर ब्लाक के मदन टूसी गाँव में मंगलवार को बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता हुयी। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों के लोग अपने बैलों के साथ पहुंचे थे। प्रतियोगिता में करीब 100 बैलों की जोड़ी ने भाग लिया। इस दौरान दर्शकों में गजब का उत्साह देखने को...

  • पिछले सात साल से यहाँ के स्टेडियम को है कोच का इंतजार 

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को तरासने व खेलों के प्रति बढ़ावा देने की मंशा से सरकार ने ग्रामीण इलाकों में लाखों रुपए खर्च करके ग्रामीण स्टेडियम का निर्माण कराया था, लेकिन देखरेख के अभाव और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से ये ग्रामीण स्टेडियम बदहाली का शिकार हो...

  • रायबरेली में परेशानी का सबब बने आवारा पशु

    रायबरेली। अभी तक किसान नीलगाय से परेशान थे। अब एक नई मुसीबत और आ गई है छुट्टा जानवरों की, जो खेतों में घुसकर फसल को नुकसान तो कर ही रहे हैं, साथ ही आबादी में बच्चों और बूढ़ों के लिये भी खतरा बन रहे हैं।देश-दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एपबछरावाँ...

  • आपके घर को साफ करने वाले झाड़ू के कारोबार चलता है इनका घर

    रायबरेली। झाड़ू दैनिक जीवन में स्वच्छता और साफ-सफाई का सबसे अहम पहलु है। ग्रामीण महिलाएं जोकि किसी कारणवश अपनी पढ़ाई नहीं कर पाई, वो महिलाएं झाड़ू बनाकर अपना पूरा परिवार चलाती हैं और अपने गाँव समाज में गौरव का कारण बनी हैं।रायबरेली जिले के बछरावां ब्लॉक में लगभग 10 किमी. पश्चिम दिशा के दोस्तपुर,...

  • अस्पताल की व्यवस्था तो देखिए, दर्द से कराहती प्रसूता को जमीन पर लिटा दिया

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। जननी सुरक्षा योजना को लेकर सरकार चाहे जितनी ही गम्भीर हो, लेकिन रायबरेली जिले की ऊंचाहार सीएचसी के बाहर फर्श पर कराहती प्रसूता को देखकर समझा जा सकता है कि यहां जननी सुरक्षा की स्थिति कैसी है।ऊंचाहार ब्लाक के खरौली ग्राम सभा निवासी अशोक कुमार (40) अपनी पत्नी सुरेखा...

  • रायबरेली में जल संकट के कारण पलायन कर रहे लोग

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। रायबरेली मुख्यालय से 40 किलोमीटर पश्चिम दिशा में स्थित सरैनी ब्लाक भयंकर जल संकट से जूझ रहा है यहां की नहरों में पिछले 25 साल से पानी नहीं आया है। क्षेत्र के तालाब सूखे पड़े हैं और हैड़पम्प से पानी की एक बूंद भी नहीं टपक रही है। सरेनी की 81 ग्राम पंचायतें पेजयल की...

  • रायबरेली ज़िले के चार हज़ार नलों की हालत तस्वीर में दिख रहे इस नल जैसी ही है

    किशन कुमार, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। जिले में पीने के पानी की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। तमाम पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के यहां से फरमान पर फरमान जारी किए जा रहे हैं, लेकिन भीषण गर्मी में लोग पानी को तरस रहे हैं। उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।जिले की स्थिति यह...

  • इन लड़कियों की जि़ंदगी के दो साल समाज के नाम 

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। अचानक गाँव के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में कुछ लड़कियां पहुंचती हैं और बाथरूम से लेकर परिसर की सफाई में जुट जाती हैं। कुछ ही देर में ये पूरे स्वास्थ्य केंद्र को चकाचक कर देती हैं। अग्रिमा समूह की इन लड़कियों ने अपनी जिंदगी के दो साल समाज के नाम कर दिए हैं।देश-दुनिया से...

  • मिट्टी न मिलने से बढ़ी देशी फ्रिज की कीमत

    किशन कुमार, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण इलाकों में देशी फ्रिज कहे जाने वाले सुराही-मटकों की मांग बढ़ गयी। रायबरेली का डिग्रा कालेज चौराहा हो या लालगंज का गांधी चौराहा, लखनऊ-इलाहाबाद हाईवे पर स्थित रतापुर चौराहे से लेकर हरचन्दपुर, शिवगढ़, डलमऊ, ऊंचाहार और महराजगंज कस्बों...

  • इस गर्मी में ठेलों पर बेचे जा रहे कूल-कूल पेयों से बचें

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ठण्डे पेय पदार्थों की बिक्री बढ़ती जा रही है। शहर से लेकर गाँव तक इन पेय पदार्थों की दुकानें खुल गयी हैं और ठण्डे पेय के नाम पर लोगों को बीमारियां परोसी जा रही हैं।देश-दुनिया से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके...

  • पिछले 30 सालों से 17 नहरों में पानी की जगह उड़ती है धूल

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। “कभी ये इलाका धान की खेती के लिए मशहूर हुआ करता था लेकिन अब तो यहां के किसान धान की खेती भूल ही चुके हैं। अब तो सिर्फ वही किसान धान लगाने की हिम्मत कर सकता है, जिसके पास सिंचाई का खुद का साधन हो।” ये कहते हुए किसान नेता योगेन्द्र सिंह (48 वर्ष) आगे बताते हैं कि पिछले...

  • रायबरेली: बिना मंजूरी चल रहे ईंट-भट्ठे

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्करायबरेली। सरकार का आदेश है कि बिना पर्यावरणीय स्वीकृति के कोई भी भट्ठा संचालित नहीं होगा। परन्तु रायबरेली में सरकार के आदेश को ठेंगा दिखाकर बिना स्वीकृति के ईंट-भट्ठे चल रहे हैं और प्रशासन चुनाव की तैयारियों में व्यस्त रहा, इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।सदर तहसील के एसडीएम...

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