कन्नौज से महाराष्ट्र और हैदराबाद तक जाता है मक्का

कन्नौज से महाराष्ट्र और हैदराबाद तक जाता है मक्कादेश के कई प्रदेशों में जाता है मक्का

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

कन्नौज। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में मक्का की बंपर पैदावार होती है। यहां से मक्का महाराष्ट्र और हैदराबाद तक पहुंचती है। गैर राज्यों में करीब 500 रूपए प्रति क्विंटल अधिक रेट भी मिल रहा है।

यूपी की राजधानी लखनऊ से करीब 150 किमी दूर बसे कन्नौज जिले में बीते कुछ सालों से सूरजमुखी की फसल को अलविदा कर किसानों ने मक्के की खेती करनी शुरु कर दी है। इन दिनों मंडियों में मक्का की फसल खूब बिक्री हो रही है। कृषि मंडी समिति से यह मक्का गैर प्रदेशों के लिए भेजी जा रही है। इत्रनगरी वाले इस जिले में जायद और खरीफ को मिलाकर करीब 50 हजार हेक्टेयर जमीन में मक्के का उत्पादन होता है।

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38 वर्षीय आढ़ती आशू गुप्त बताते हैं, ‘‘मक्का गुजरात, आंध प्रदेश और महाराष्ट्र हर जगह जाता है। दूध डेयरी वाले हैं मुर्गी फार्म में जाती है। मंडी में आमद अच्छी आ रही है। 10-15 हजार बोरी आमद होगी। 100-50 ट्रक तो यहां से जाते ही हैं।’’

65 साल के ट्रांसपोर्टर कलक्टर यादव कहते हैं, ‘‘मंडी से मक्का गुजरात और महाराष्ट्र जाता है। कन्नौज में इन दिनों मक्का खूब आ रही है।’’

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मंडी सचिव डॉ. आदित्य यादव का कहना है, ‘‘अप्रैल-मई में लगभग 64,003 कुंतल मक्का एरायवल है। 44,148 कुंतल जून में प्राप्त हुई है। करीब 20 हजार कुंतल मक्का गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा व पंजाब आदि विभिन्न प्रदेशों में जा चुकी है। जहां पोल्ट्री इंड्रस्ट्रियां हैं जहां पोल्ट्री का हब ज्यादा है। पोल्ट्री फीड के लिए मक्का का प्रयोग होता है।’’

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सचिव डॉ. यादव आगे बताते हैं, ‘‘उत्तर प्रदेश सबसे अधिक मक्का कन्नौज में ही होता है। इसे कार्नफ्लाक्स के लिए भी प्रयोग करते हैं। फिनिशर में यूज होता है। मक्का में प्रोटीन नहीं एनर्जी होती है। इस समय गुजरात में 1720 रूपए रेट चल रहा है। कन्नौज में 1200 रूपए परचेज कर रहे हैं हम। लेकिन 200 रूपए भाड़ा, रास्ते में खर्च होते हैं और टोल टैक्स लगता है। बहुत ज्यादा लाभ नहीं मिलता है।’’

उप निदेषक कृषि डॉ. राजेश कुमार कहते हैं, ‘‘जनपद में जायद में करीब 26 हजार हेक्टेयर में मक्का की खेती होती है।’’

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