किसानों से जुड़कर जैविक उत्पादों का खड़ा किया बड़ा बाजार, सरकार से मिला सम्मान

जैविक विपणन के क्षेत्र में इस अनूठी उपलब्धि को देखकर सरकार ने उन्हें हाल में उद्यमी रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।

किसानों से जुड़कर जैविक उत्पादों का खड़ा किया बड़ा बाजार, सरकार से मिला सम्मानजैविक विपणन में हरियाणा सरकार ने किया विनीत गुप्ता को सम्मानित।

रकार किसानों को जैविक खेती के लिए बढ़ावा दे रही है। मगर जैविक उत्पाद अभी भी हर किसी के पहुंच में नहीं है। ऐसे में हरियाणा के एक शख्स ने किसानों से सीधे जुड़कर न सिर्फ जैविक उत्पादों का एक बड़ा बाजार खड़ा किया, बल्कि आज अलग-अलग किस्मों में 200 से ज्यादा उत्पाद लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं। जैविक विपणन के क्षेत्र में इस अनूठी उपलब्धि को देखकर सरकार ने उन्हें हाल में उद्यमी रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।
हरियाणा के पंचकुला के रहने वाले यह शख्स हैं विनीत गुप्ता, जिनके जैविक उत्पाद आज दूसरे प्रदेशों में भी लोगों तक पहुंच में हैं। फाइनेंस से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद विनीत ने हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विशाखा इंडस्ट्रीज में 7 साल तक कॉर्मशियल मैनेजर के तौर पर नौकरी की।
गाँव कनेक्शन से फोन पर बातचीत में विनीत गुप्ता बताते हैं, "वर्ष 2015 में मुझे गुड़गांव में पहली बार लगाई गई जैविक कृषि समिट में जाने का मौका मिला, जहां मुझे जैविक खेती और उनके उत्पादों के बारे में जानकारी मिली। यहां से मैंने कई जानकारियां इकट्ठा की।" आगे बताया, "मैं जानकर हैरान हुआ कि हम लोग रासायनिक खेती से धीरे-धीरे खोखले होते जाएंगे क्योंकि हम रसायन मिला खाना खा रहे हैं, इसलिए तब मैंने आगे बढ़कर जैविक खेती और इसके उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अपना काम करना शुरू करने का फैसला किया।"
विनीत ने बताया, "मैं जैविक खेती को लेकर न सिर्फ कई किसानों से मिला, बल्कि मैंने कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों से कई जानकारियां एकत्र कीं। तीन महीने मैंने सिर्फ यह जानने में बिताया कि ऑर्गेनिक उत्पाद की कैसे मार्केटिंग की जाए यानि जैविक उत्पाद कैसे लोगों की पहुंच में आ सकें। अफसरों ने मेरी काफी मदद भी की। शुरुआत में पहले मैंने किसानों से उनकी उपज लेकर कम स्तर पर उत्पाद बनाकर अपने जानने वालों को और किसानों को दिया, जिस पर उन्होंने जैविक उत्पादों को लेकर मुझे काफी उत्साहित किया।"


वह आगे बताते हैं, "मेरी कोशिश थी कि मैं बड़े स्तर पर जैविक उत्पादों को उपलब्ध करा सकूं। एक साल बाद यानि 2016 में मैंने बड़े स्तर पर जैविक उत्पादों को बनाने की शुरुआत की और पूरी तैयारी के साथ अपना एच एंड वी (हेल्थ एंड वेल्यू) ब्रांड बनाया। तरह-तरह के उत्पादों के लिए जैविक किसानों से और ऐसे किसानों के समूहों से संपर्क किया। किसानों से सीधे उनकी उपज खरीदी और प्रोसेसिंग कर प्रॉडक्ट बनाना शुरू किया और पैकिंग करने के साथ पंचकुला मार्केट में मैंने लांच किया।"
तरह-तरह के जैविक उत्पादों को एकत्र करने के सवाल पर विनीत ने बताया, "मैं चाहता था कि एक छत के नीचे लोगों को ज्यादा से ज्यादा जैविक उत्पाद मिल सकें। तरह-तरह के जैविक उत्पादों को एकत्र करने के लिए मैंने हिमाचल प्रदेश समेत दूसरे राज्यों के किसानों से भी संपर्क किया, इतना ही नहीं सर्टिफाइड एजेंसियों ने भी जैविक उत्पादों के लिए सहयोग किया।"
उत्पादों की अलग-अलग किस्मों के बारे में विनीत ने बताया, "जैसे मैंने दालों, मसालों, आटे जैसे उत्पादों में लोगों तक अलग-अलग वैरायटी उपलब्ध कराईं। सिर्फ चाय की ही मैंने 14 वैरायटी उपलब्ध कराई हैं। आज 200 से ज्यादा जैविक उत्पाद हैं और उनकी अलग-अलग किस्में भी, ताकि ग्राहक को जैविक में हर उत्पाद मिल सके।"
जैविक उत्पादों में मापदंडों के सवाल पर विनीत बताते हैं, "गुणवत्ता के लिए हमने खुद का एचएंडवी ब्रांड बनाया, इसके साथ एपीडा, आईएसएसओ समेत कई से सर्टिफिकेशन प्राप्त किया और जैविक उत्पादों को लेकर सभी मानकों को पूरा किया। इसके लिए हरियाणा सरकार का भी काफी सहयोग प्राप्त हुआ।"


"आज पंचकुला से न सिर्फ कोई भी जैविक उत्पाद खरीद सकता है, बल्कि ये उत्पाद अब महाराष्ट्र, एनसीआर और हैदराबाद भी जाते हैं। जल्द ही सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में हमारे उत्पाद लोगों की पहुंच में होंगे।" आगे कहा, "जैविक उत्पादों से किसानों को भी फायदा पहुंच रहा है, उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, यही कारण है कि जैविक खेती की ओर किसान तेजी से आगे आ रहे हैं।"
इतने बड़े स्तर पर जैविक विपणन करने के लिए हाल में हरियाणा के रोहतक शहर में लगाई गई एग्री लीडरशिप समिट 2018 में विनीत गुप्ता को 'उद्यमी रत्न' पुरस्कार से राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सम्मानित किया।

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