• भारत में होती है 400 गुना ज्यादा तीखी मिर्च की खेती , नाम भी है रोचक

    ऐसे तो मिर्च की खेती भारत के कई हिस्सों में होती है, मगर बात अगर सबसे तीखी और तेज मिर्च की करें तो भारत में इस तीखी मिर्च की खेती असम और उत्तरी पश्चिम क्षेत्र में होती है। इस मिर्च का नाम है भूत झोलकिया। यह मिर्च इतनी तीखी होती है कि जीभ पर इसका स्वाद लगते ही व्यक्ति का दम घुटने लगता है और आंख में...

  • इस गाँव से सीखें लोग, तब स्वच्छ बनेगा भारत

    लखनऊ। भारत का यह एकमात्र गाँव है, जो सबसे साफ-सुथरा गाँव है। इससे पहले यह गाँव एशिया में सबसे साफ गाँव में गिना जाता रहा है। इस गाँव की सुंदरता और साफ-सफाई के लिए इसे 'भगवान का अपना बगीचा' भी कहा जाता है। जानते हैं यह गाँव कहां है? यह गाँव है मेघालय में और इस गाँव का नाम है मावल्यान्नाँग। आईये आपको...

  • अगर आपके वोटर आईडी कार्ड में है गलती तो ऐसे करें ऑनलाइन सही

    ऐसा देखा जाता है कि वोटर आईडी कार्ड में अक्सर कोई न कोई गलती हो जाती है और उसे सही कराने के लिए उस व्यक्ति को आयोग के दफ्तरों के कई चक्कर काटने पड़ते हैं। कभी कहीं स्पेलिंग में गलती तो कहीं घर का पता गलत हो जाता है, इतना ही नहीं फोटो से जुड़ी भी कई गलतियां सामने आती हैं, मगर अब आप ऐसी सभी गलतियों...

  • 62 वर्ष के किसान चांद सिंह ने अपनाई खेती की नई तकनीकें और बने 'सब्जी रत्न'

    हरियाणा के 62 वर्ष के सब्जी उत्पादक किसान चांद सिंह ने पारंपरिक खेती को छोड़कर न सिर्फ जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाया, बल्कि खेती की नई-नई तकनीकों को भी अपनाया। सरकार ने किसान की ऐसी लगन को देखते हुए हाल में चांद सिंह को 'सब्जी रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया है।चांद सिंह हरियाणा के गुरुग्राम की तहसील...

  • खिचड़ी के अलग-अलग रूप, मगर हर दिल पसंद

    लखनऊ। चावल, दाल और कई सब्जियों से मिलकर तैयार होने वाली 'खिचड़ी', भारत के सभी प्रसिद्ध पकवानों से अलग ख्याति प्राप्त है और अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है। मगर आप जानकर हैरान होंगे कि देशभर में खिचड़ी के अलग-अलग रूप हैं, चलिए आपको बताते हैं कि खिचड़ी से जुड़ी कई रोचक...

  • सरकार से कर्ज नहीं मिला तो किसान ने साड़ियों से बना लिया पॉलीहाउस

    सोशल मीडिया में हाल में साड़ियों के पॉलीहाउस के बारे में खबर फैलने के बाद यह पॉलीहाउस किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।हमारे किसानों की लगन देखिए, सरकार से पॉलीहाउस के लिए किसान कर्ज मांग रहा था। काफी मुश्किलों के बाद भी जब किसान को कर्ज नहीं मिला तो उसने खेती की नई तकनीक को अपनाने के लिए...

  • खेती में रसायनिक दवाओं के इस्तेमाल का नतीजा, मिट्टी संकट के कगार पर भारत

    यह खबर आपके लिए है। उन किसानों के लिए है, जो देश में कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उन लोगों के लिए भी, जो उनके खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं क्योंकि यहां बात देश की मिट्टी की है, कृषि क्षेत्र की मिट्टी की, जिसके पोषक तत्व तेजी से कम हुए हैं।आने वाले समय में भारत एक उभरते...

  • ग्रामीण छात्र-छात्राओं ने जाना, क्या करें 10वीं और 12वीं के बाद?

    गदेला (लखनऊ)। ज्यादातर ग्रामीण छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद भ्रमित होते हैं कि वे आगे क्या करें, किन विषयों का चुनाव करें? उनके पास 10वीं और 12वीं बाद क्या-क्या विकल्प हैं, उन्हें जानकारी नहीं होती। अक्सर ऐसे ग्रामीण छात्र-छात्राएं शहरी छात्र-छात्राओं की अपेक्षा पीछे...

  • कीजिए सलाम, पूरी दुनिया में खेती-किसानी में पुरुषों से आगे हैं महिलाएं

    लखनऊ। यहां बात सिर्फ भारत की नहीं, पूरे विश्व की है। पूरी दुनिया में कृषि क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं का अहम योगदान है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दुनियाभर में ग्रामीण महिलाओं का कृषि क्षेत्र में योगदान 50 प्रतिशत से भी ज्यादा है। मतलब, पूरे विश्व खाद्य उत्पादन में से आधे उत्पादन का योगदान...

  • अक्टूबर में लहसुन की खेती करें किसान, जानिए कौन-कौन सी हैं किस्में

    लखनऊ। किसानों के लिए यह समय लहसुन की खेती के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। असल में लहसुन की खेती के लिए न अधिक गर्मी का मौसम हो और न ही अधिक ठंड का मौसम हो। ऐसे में अक्टूबर का महीना लहसुन की खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस मौसम में लहसुन का कंद निर्माण बेहतर होता है। इसकी खेती के लिए दोमट भूमि अच्छी...

  • इस सब्जी के खाने से नहीं होती है दिल की बीमारी

    ऐसा माना जाता है कि यह सब्जी औषधीय गुणों से भरपूर है और इसको नियमित सेवन से दिल की बीमारियां नहीं होती हैं। यहां तक कि जो हार्ट पेशेंट हैं, उन्हें भी इसके उपयोग से लाभ मिलता है। भारत में पैदा होने वाली इस सब्जी का नाम गुच्छी है और इसके इसी लाभकारी गुणों की वजह से इसकी डिमांड विदेशों में भी बहुत है।...

  • ऐसे जाने, ग्राम पंचायत को कितना मिला पैसा, और कहां किया गया खर्च

    अगर आप जानना चाहते हैं कि भारत सरकार ने आपकी ग्राम पंचायत में किस निर्माण के लिए कितना बजट दिया है, कितना पास करवाया गया है और कितना काम अब तक कराया गया है तो यह आप घर बैठे अपने मोबाइल के जरिए एक क्लिक पर जान सकते हैं।इतना ही नहीं, अगर आपको निर्माण कार्य में कोई अनियमितता नजर आती है तो आप जनसुनवाई...

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