खेती किसानी

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे घुन युक्त गेहूं, ऐसे करें बचाव

गेहूं कटाई-मड़ाई के बाद सबसे जरूरी काम होता है अनाज भंडारण का। भंडारण के समय हल्की सी भी नमी रह जाती है तो गेहूं में घुन लगने लगते हैं। इसलिए गेहूं को सुखाने के बाद ही भंडारित करें।

गेहूं और अन्य अनाजों में अगर नमी ज्यादा है तो इनके भंडारण के फलस्वरूप इनके अंदर भांति-भांति के इन्सेक्ट-पेस्ट पनपने लगते हैं। अपने आप पैदा नहीं होते। कहीं ना कहीं से आ जाते हैं और नमी और पर्याप्त गर्मी के कारण अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं। अनाज की कोठरी ही इनका संसार होती है।

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अनाजों में लगने वाले इन्सेक्ट-पेस्ट जिन्हें आम भाषा में घुन कहते हैं यह तीन तरह से नुकसान पहुंचा सकते हैं अनाज को। एक तो इनके कारण वजन का नुकसान होता है। दूसरे अनाज की क्वालिटी खराब हो जाती है। तीसरे घुन लगा अनाज खाने से सेहत को नुकसान पहुंचता है। और कुल मिलाकर आर्थिक हानि होती है।

गेहूं 

कुछ इन्सेक्ट-पेस्ट दाने के ऊपर का हिस्सा खाते हैं और कुछ अंदर का। इन्हें प्राइमरी फीडर कहते हैं। इसके बाद आते हैं सेकंडरी फीडर। ये वो फीडर हैं जो प्राइमरी फ़ीडर्स द्वारा अनाज को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद अनाज पर लग जाते हैं और उसे और अधिक खराब कर देते हैं। इन्हें कहते हैं ग्रेन माइट्स। बहुत छोटी-छोटी होती हैं और डैमेज्ड ग्रेन खाती हैं। ग्रेन पर लगी फंगस और मोल्ड्स खाती हैं। मरे हुए इंसेक्ट्स-पैस्ट और इंसेक्ट्स-पैस्ट की विष्ठा जिसे 'फ्रास' (Frass) कहते हैं, खाती हैं।

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इंसेक्ट्स-पेस्ट द्वारा अनाज खाये जाने से उनकी अंकुरण की क्षमता खत्म हो जाती है। कुछ इन्सेक्ट-पेस्ट अनाज के दाने के चारों तरफ एक जाल से बुन लेते हैं और अन्य दानों के उसमें फंसने के कारण एक बॉल सी बन जाती है। इन्सेक्ट-पेस्ट की खुद की मेटाबोलिक एक्टिविटी के कारण अनाज के ढेर का तापमान बढ़ने लगता है और वहां फंगस लगने लगता है। फंगस की ग्रोथ होने पर उसमें टॉक्सिन्स रिलीज होते हैं।

पशुओं को न खिलाएं घुन लगा गेहूं, नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान

इन्सेक्ट-पेस्ट लगने पर अनाज का वजन तो कम हुआ ही साथ ही खराब हुई उसकी क्वालिटी और क्वालिटी खराब होने पर कम हुई उसकी पोषकता। पोषकता तो कम हुई ही साथ ही उसमें आने लगी घुनेरी दुर्गंध। अब ऐसा अनाज आदमी तो क्या पशु तक नहीं खाएंगे। जब घुन लगा अनाज आप खुद नहीं खाते तो अपने पशुओं को क्यों खिलाते हो? अगर खिलाओगे तो क्या-क्या हो सकता है?

पशुओं को चारा देते पशुपालक।                 
  • अनाज का बेहतर हिस्सा इंसेक्ट्स-पेस्ट पहले ही चट कर चुके हैं तो पशु को पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं मिल पायेगा।
  • घुन लगने पर एक विशेष दुर्गंध पैदा होने के कारण पशु ऐसे दाने को खाने से बचेगा
  • अनाज के अंदर मौजूद इंसेक्ट्स-पेस्ट के टॉक्सिन्स पशु के शरीर में जाकर इंफेर्टिलिटी पैदा करेंगे।
  • घुन लगे अनाज को खिलाते समय उठी धूल में माइट्स होती हैं जो एलर्जी पैदा कर सकती हैं।

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इसलिए सभी पशुपालकों से अनुरोध है कि अपने पशुओं को घुन लगा अनाज खिलाने से बचें। बेजुबानों पर अत्याचार बन्द करें और उनके स्वास्थ्य को बनाएं रखे। थोड़ा सा लालच आपका बड़ा नुकसान कर सकता है।

साभार- बंशी विचारक