प्रेमचंद की कहानी ईदगाह, नाज़ुक कहानी जो खूबसूरत नर्म अहसास को समेटे हुए है... सुनिए

'ईदगाह' भारत के महान कहानीकार मुंशी प्रेमचंद की एक कहानी का किरदार है। एक कम उम्र का लड़का जिसके मां-बाप की मौत हो चुकी है, अपनी दादी के पास रहता है। संघर्षों से पलते हुए, वो अपनी बचपन की ख्वाहिशों के बावजूद अपनी दादी का ख्याल रखता है और ईद के रोज़ ईदगाह से लौटते हुए, जब सब बच्चे अपने लिए खिलौने खरीद रहे होते हैं, तो वो दादी के लिए चिमटा खरीदता है क्योंकि वो जानता है कि रोज़ाना रोटी बनाते वक्त दादी का हाथ जल जाता है।

एक बेहद नाज़ुक कहानी जो एख खूबसूरत नर्म अहसास को समेटे हुए है, बताती है कि ज़िंदगी का मतलब अपनी ख्वाहिशों के अलावा भी कुछ है। किसी दूसरे का दर्द, उसके एहसास की इज़्ज़त करना भी ज़रूरी है। हामिद हर दौर में प्रासंगिक है.. इस दौर का हामिद कौन है.. सुनिये इस छोटी सी वीडियो में ..

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