अब लाडली दिवस का हिस्सा बनेंगी तीन से ग्यारह साल की बेटियां

हर महीने की 25 तारीख को मनाया जाता है लाडली दिवस, बच्चियों के सेहत व पोषण के लिये इस दिन किये जाएंगे विशेष आयोजन

अब लाडली दिवस का हिस्सा बनेंगी तीन से ग्यारह साल की बेटियां

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने अब तीन साल से ग्यारह साल तक की बच्चियों को लाडली दिवस का हिस्सा बनाया है। अभी तक 11 से 19 साल तक की बच्चियों को ही इस आयोजन का लाभ मिलता था। शासन से आए निर्देश के अनुसार प्रत्येक महीने की 25 तारीख को लाडली दिवस का आयोजन होगा जिसमें 03 वर्ष से 11 वर्ष तक की बच्चियों के लिये विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। ये आयोजन जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक ही दिन किये जाएंगे।

बच्चियों की सेहत सुधारने के लिये होने वाले इस आयोजन में शासन ने नौ बिंदुओं पर फोकस करने का निर्देश दिया है। राज्य पोषण मिशन की महानिदेशक मोनिका एस गर्ग की चिट्ठी जनपद के जिला कार्यक्रम विभाग को प्राप्त हो चुकी है। पत्र में आए निर्देशों के अनुसार लाडली दिवस में आंगनबाड़ी केंद्र पर गठित मातृ समिति की सक्रिय भागीदारी भी इस आयोजन में करवानी है। जिला कार्यक्रम विभाग ने इन आयोजनों के संबंध में सभी सीडीपीओ को बिंदुवार निर्देश जारी किये हैं।

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लाडली दिवस पर खास

-लाडली दिवस पर बालिकाओं के निर्धारित टीकाकरण पूरा कराना

-उनका वजन करके पोषण व्यवहारों पर परामर्श देना

-आयरन की गोली या सीरप के सेवन

-पोषण की आवश्यकता पर चर्चा

-छठवें वर्ष में बालिकाओं को स्कूल में प्रवेश दिलवाना सुनिश्चित करना

-शारीरिक परिवर्तन के हिसाब से मार्गदर्शन करना

- साफ सफाई के तौर-तरीके बताने

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आयोजन में यह भी बताया जाएगा कि हर सप्ताह आयरन की एक गोली नींबू पानी, संतरा या कीनू के साथ लेना है। उन्हें यह खासतौर से समझाया जाएगा कि आयरन सीरप या गोली के साथ चाय, काफी व दूध न लें। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी में कुल 1.08 करोड़ बच्चे पंजीकृत हैं ।

राज्य पोषण मिशन की महानिदेशक मोनिका एस गर्ग ने बताया, " पोषण स्तर सुधारने के लिए सरकार ने नई पहल की है। इस बार लाडली दिवस पर तीन से ग्यारह साल की बच्चियों को शामिल किया जा रहा है। सभी सीडीपीओ को निर्देश दिये गये हैं कि वे अपनी निगरानी में लाडली दिवस का आयोजन करवाएं। इन आयोजनों में बच्चियों को उचित परामर्श व पोषण से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी।"

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