बारिश से बचाने वाले व्यक्ति की इस तरह मदद कर रही है मुंबई की लड़की, फेसबुक पोस्ट वायरल

बारिश से बचाने वाले व्यक्ति की इस तरह मदद कर रही है मुंबई की लड़की, फेसबुक पोस्ट वायरलमुंबई बारिश में कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने मुश्किल वक्त में लोगों की मदद की और मिसाल पेश की

लखनऊ। पिछले दिनों भारी बारिश की वजह से हर वक्त भागने वाली मुंबई थम गई थी। कई लोगों की मौत हो गई लोकल ट्रेनों की सेवा निरस्त कर दी गई थी, लोग घंटों जाम में फंसे रहे। कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने मुश्किल वक्त में लोगों की मदद की और मिसाल पेश की है।

मुंबई में एक एडवर्टाइजिंग कंपनी में काम करने वाली शिखा चावला 29 अगस्त को दोपहर में तेज बारिश ऑफिस से घर के लिए निकलीं, उस वक्त तेज बारिश हो रही थी। कोई टैक्सी ऑटो न मिलने पर एक कैब वाले ड्राइवर ने शिखा की मदद की और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाया।

ये भी पढ़ें- क्या हरियाणा सरकार ने राम रहीम को अडाणी के हेलीकॉप्टर में उड़ाया था? जानिए क्या है सच

अब शिखा इस गुमनाम हीरो की मदद करना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा है जो काफी वायरल हो रहा है।

आप भी पढ़िए शिखा की पोस्ट-

मैं अपने दफ्तर से करीब दोपहर 2:45 बजे निकली, बारिश बहुत तेज थी। मैंने ऑटो ढूंढा, ओला/ऊबर बुक करने के लिए ट्राई किया (ट्रेनें बंद थीं)। तीन बजे के करीब एक कैब ड्राइवर रुका, जिसकी फ्रंट सीट पर पहले से कोई बैठा था। उसे मेरे लिए खराब महसूस हुआ और मुझे घर छोड़ने के लिए सहमत हो गया। उससे बात करते हुए मालूम हुआ वह बांद्रा में अपने निज़ी काम से आया था। फ्रंट सीट पर बैठा शख्स उसका रिश्तेदार है। तीन बजे से मैं सिर्फ कैब में नहीं बैठी, उस वक्त से शुरू हुआ मेरा सफ़र लगभग अगले 5-6 घंटे तक अच्छा रहा। हम सभी हाई-वे और सिग्नल्स पर धीरे-धीरे चल रहे थे। ज्यादातर ग्रीन सिग्नल बंद थे। घुटनों तक भरे पानी से उसकी गाड़ी कई जगह ठुकी लेकिन एक भी दफ़ा उन्होंने उफ्फ नहीं किया। शिकायत नहीं की और न ही मुझे उतर कर पैदल चले जाने को कहा।

ये भी पढ़ें- अनंतनाग हमले के शहीद की बेटी को लिखा डीआईजी का ये ख़त आपको झकझोर देगा...

परिवार वाले और दोस्त मेरा स्टेटस पढ़ने के बाद बार-बार कॉल करके मेरा हाल-चाल पूछ रहे थे। सभी को जवाब देते देख उन्होंने मुझसे कहा-

‘मैडम, घर वालों को बता दो आप ठीक-ठाक पहुंच जाएंगी। मैं आपको कैसे भी घर छोड़ के रहूंगा। आप मेरी गाड़ी में सबसे सुरक्षित हैं।’

उन्होंने गाड़ी को दौड़ाकर, खुद घर देर से पहुंचने की कीमत पर हर मुश्किल हालात से लड़कर मुझे करीब 8:30 बजे अंधेरी ड्रॉप किया।

काश! मैं उन्हें वो दे पाती जो उन्होंने मेरे लिए किया। खैर... मैं उनकी मदद का ज़रिया बनने के लिए सोशल मीडिया पर अपना भाग्य आजमा रही हूं। सफर के दौरान उनसे बात करते हुए पता चला कि फ्रंट सीट पर बैठे उनके रिश्तेदार गांव से आए हैं और नौकरी की तलाश में हैं। वह तकरीबन 20 से 25 साल के हैं और गांव में कम्प्यूटर टीचर हैं। शहर में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नौकरी की तलाश में हैं। मनोज कुमार 10 हज़ार से ज्यादा सैलरी की उम्मीद कर रहे हैं। आप भी उनकी मदद कर सकते हैं। उनका नंबर है- 9682829212

ये भी पढ़ें- वरिष्ठ पत्रकार क़मर वहीद नक़वी को पढ़िए- तीन तलाक़ और नयी सोशल इंजीनियरिंग

भले ही उन्हें मेरा नाम याद न रहे, पर मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जैसे ही कुछ बन पड़ेगा उन्हें फोन जरूर आएगा। अगर आप भी किसी ऐसे शख्स या संस्थान को जानते हैं जिसे कम्यूटर ऑपरेटर की जरूरत है, तो उनकी मदद करें।

First Published: 2017-09-04 19:00:16.0

Share it
Share it
Share it
Top