अब लड़कियों को मुफ्त लगेगा सर्वाइकल कैंसर का टीका

Darakhshan Quadir SiddiquiDarakhshan Quadir Siddiqui   12 Feb 2017 10:54 AM GMT

अब लड़कियों को मुफ्त लगेगा सर्वाइकल कैंसर का  टीकाउत्तर प्रदेश में पहली बार महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) का टीकाकरण शुरू होने जा रहा है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। पूरी दुनिया में दस में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की शिकार है। प्रदेश में पहली बार महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) का टीकाकरण शुरू होने जा रहा है। इसके ज्यादातर मामले 40 साल या इससे ऊपर की महिलाओं में देखे गए हैं। अभी तक देश में कहीं भी सरकारी स्तर पर एचपीवी का टीकाकरण नहीं किया जाता है।

लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए दो चरणों में सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाया जाएगा, जिससे उन्हें भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाया जा सके। यह टीकाकरण फरवरी माह के अन्त में शुरू होगा, राजधानी में इस टीके की शुरुआत वीरागंना अवंतीबाई बाल महिला अस्पताल से की जा रही है। इसके बाद जल्द ही अन्य जनपदों में भी इसे शुरू किया जाएगा।

वैक्सीन काफी महंगी होने के कारण केवल निजी डॉक्टर ही इस वैक्सीन का इस्तेमाल करते हैं। निजी डॉक्टर इस वैक्सीन को तीन चरणों में लगाते हैं। एक चरण का खर्चा तकरीबन नौ हज़ार रुपए आता है। पूरा टीकाकरण कराने पर तकरीबन 27 हज़ार रुपए खर्च होते हैं। यह वैक्सीन एक से छह महीने में लगाई जाती है, अभी तक देश में कहीं भी सरकारी स्तर पर एचपीवी का टीकाकरण नहीं किया जाता है। ज्यादा लोगों में इस वैक्सीन के बारे में जागरुकता नहीं है। बहुत कम ही लोग इस वैक्सीन के बारे में जानते हैं, लेकिन प्राइवेट डॉक्टर अपने यहां आने वाले लोगों का इस टीके की पूरी जानकारी देते हैं। अभी फिलहाल डॉक्टरों के पास यूके और अमेरिका के टीके उपलब्ध हैं।

उत्तर प्रदेश में 10 से 13 साल की लड़कियों को हृयूमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन मुफ्त दिलावाने के लिए 500 लाख की धनराशि की व्यवस्था की गई थी। इस वैक्सीन को 10 से 13 साल तक की लड़कियों को लगाने से उन्हें 70 साल की उम्र तक सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित किया जा सकता है। वीरागंना आवंती बाई महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सविता भट्ट का कहना है कि 26 फरवरी के बाद लड़कियों में सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाया जाएगा।

अभी यह टीका प्राइवेट अस्पतालों में लड़कियों को लगाया जा रहा है। महंगा होने की वजह से अब तक यह सरकार की योजना में शामिल नहीं हो पाया था, लेकिन अब इसे एनएचएम की योजना में शामिल कर लिया गया है। 26 फरवरी से इस अभियान की शुरुआत हो सकती है।
आलोक कुमार, निदेशक एनएचएम

दस में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर की शिकार

पूरी दुनिया में दस में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की शिकार है। भारत में जागरुकता और इलाज की कमी की वजह से यह बीमारी जानलेवा साबित हो रही है। महिलाओं को इस बीमारी के इलाज की जानकारी भी नहीं होती है। इसे बच्चादानी, गर्भाशय या फिर यूट्राइन सर्विक्स कैंसर भी कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर हृयूमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है।

क्यों है एचपीवी टीकाकरण की जरूरत

  • दुनिया में सर्वाइकल कैंसर पांचवां सबसे आम कैंसर है और महिलाओं में होने वाला दूसरा।
  • विश्व स्तर पर हर वर्ष 510,000 सर्वाइकल कैंसर के नए मामले आते हैं
  • 288,000 गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से होने वाली मौतें दर्ज की गई हैं।
  • भारत में 132,000 नए गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के मामलों और 74,000 लोगों की मृत्यु हर साल होती है।

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