#स्वयंफ़ेस्टिवल: कविता पाठ कर बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का दिया परिचय

Neetu SinghNeetu Singh   30 Dec 2016 4:01 PM GMT

#स्वयंफ़ेस्टिवल: कविता पाठ कर बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का दिया परिचयबिधुना ब्लॉक स्थित रैपिड ग्लोबल स्कूल में पोएट्री सेशन का आयोजन किया गया।

नीतू सिंह : कम्युनिटी जर्नलिस्ट (28 वर्ष)

औरैया। गाँव कनेक्शन फाउंडेशन की ओर से आयोजित किए जा रहे स्वयं फ़ेस्टिवल के तहत जनपद के बिधुना ब्लॉक स्थित अछल्दा रोड स्थित रैपिड ग्लोबल स्कूल में पोएट्री सेशन का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाईँ। साथ ही, जूडो कराटे का प्रशिक्षण मिलने पर छात्राओं ने अपनी खुशी जाहिर की।

कविता पाठ अायोजन में हर कक्षा के बच्चों ने लिया भाग।

दरअसल, गाँव कनेक्शन की ओर से यूपी के 25 जिलों में आयोजित किए जा रहे स्वयं फेस्टिवल के तहत जनपद में दो से आठ दिसंबर तक विभिन्न ब्लॉक में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत जनपद दो दिसंबर से विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं फ़ेस्टिवल के तहत कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को बिधुना ब्लॉक स्थित रैपिड ग्लोबल स्कूल में पोएट्री सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक कविता का पाठ करके सभी का मन मोह लिया। इस काव्य सत्र में विभिन्न कक्षा के बच्चों ने भाग लिया। साथ ही, कवियों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। कक्षा आठ में पढ़ने मोहित शर्मा के मुताबिक, यह काफी अच्छा सेशन रहा। कविता पढ़ना तो मुझे पहले से ही पसंद था। मगर स्वयं फ़ेस्टिवल के तहत कविता पाठ का जो आयोजन किया गया वह काफी शानदार रहा। स्कूलों में ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।

इस बीच स्कूल के एक शिक्षक ने कहा, “कविताओं में जीवन का सार छुपा होता है। मगर अफसोस की बात है कि इस ओर से धीरे-धीरे लोगों का ध्यान हटता जा रहा है। जरूरी है कि इस दिशा में बच्चों को जोड़कर शब्दों की इस रचनात्मकता को बरक़रार रखा जाए। ऐसे में यह स्वयं फ़ेस्टिवल काफी अच्छा संदेश दे रहा है।”

छात्राओं ने जूडो कराटे प्रशिक्षण में दिल खोलकर लिया भाग।

वहीं, रैपिड ग्लोबल में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटे का भी प्रशिक्षण दिया गया। इस बीच छात्राओं को यह भी बताया गया कि जूडो सीखकर वे न केवल अपने बल्कि अन्य लोगों की भी रक्षा कर सकती हैं। छात्राओं ने भी इस कोशिश को सफल बनाते हुए प्रशिक्षण कैम्प में दिल खोलकर भाग लिया। साथ ही, गाँव कनेक्शन की इस मुहिम की सराहना की।

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