यूपी में पंसद किया जा रहा रूफ टॉप सोलर मॉडल

यूपी में पंसद किया जा रहा रूफ टॉप सोलर मॉडलयूपी में रूफ टॉप सोलर मॉडल के अंतर्गत अभी तक 36 मेगावाट बिजली उत्पादन सौर ऊर्जा की माध्यम से

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। प्रदेश में रूफ टॉप सोलर मॉडल के तहत अभी तक 36 मेगावाट बिजली उत्पादन सौर ऊर्जा के माध्यम से हो चुका है। इसमें सबसे अधिक योगदान यूपीनेडा के बुंदेलखंड सोलर प्रोजेक्ट के साथ साथ सरकारी व निजी संस्थाओं में लगाए गए रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांटों का रहा है।

उत्तर प्रदेश में पंसद किए जा रहे रूफ टॉप सोलर मॉडल के बारे में यूपीनेडा की निदेशक संगीता सिंह ने बताया,'' हाल ही में विभाग ने बुंदेलखंड क्षेत्र में बड़े स्तर पर सोलर पीवी प्लांट लगवाएं हैं। इसके अलावा हमने प्रदेश में सरकारी दफ्तरों के साथ साथ प्राईवेट संस्थाओं में रूफटॉप सोलर मॉडल पर आधारित प्लांट लगवाए हैं।इसकी मदद से एक वर्ष में यूपी में सौर ऊर्जा की खपत रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी है।''

संगीता सिंह, निदेशक (यूपीनेडा)

उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण यूपीनेडा के मुताबिक प्रदेश में रूफ टॉप सोलर मॉडल के तहत अभीतक सैफई के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय,उत्तर प्रदेश में 400 किलोवाट क्षमता , लखनऊ के केजीएमयू में 400 किलोवाट क्षमता, राम मनोहर लोहिया संस्थान में 400 किलोवाट क्षमता और पीटीसी लॉ कालेज में 750 किलोवाट क्षमता के नए रूफ टॉप पावर प्लांट लगवाए हैं।

यूपी में ग्रामीण क्षेत्रों में पसंद किए जा रहे सौर ऊर्जा पर आधारित प्लांटों के बारे में संगीता सिंह आगे बताती हैं,'' गाँवों में पर्याप्त बिजली मिल सके इसके लिए हमने उन्नाव, रायबरेली, आज़मगढ़, सीतापुर, कन्नौज और सोनभद्र जिलों में मिनी सोलर पावर ग्रिड लगवाएं हैं। इस ग्रिड की मदद से पूरे गाँव में सस्ते दर पर आसानी से बिजली पहुंचाई जा रही है।'' यूपीनेडा के मुताबिक प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ावा देने के लिए रूफ टॉप सोलर पावर पोलिसी के अंतर्गत अप्रेल 2017 तक 20 मेगावाट सौरऊर्जा का उत्पादन लक्ष्य रखा गया था,जिसमें प्रदेश में स्थापित किए गए बुंदेलखंड, सैफई और लखनऊ रुफटॉप प्लांटों की मदद से सौरऊर्जा उत्पादन 36 मेगावाट पहुंंच गया है।

रूफटॉप सोलर प्लांट

रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाने पर केंद्र सरकार देगी छूट

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार रूफटॉप सोलर प्लांट में इस्तेमाल होने वाले सोलर सेल और बाकी सहायक उपकरणों को लगवाने पर छूट देने का विचार कर रही है। इस छूट के बाद कोई भी व्यक्ति घर की छत पर आसानी से सोलर पैनल लगवा सकेंगे। इस छूट के अंतर्गत सिर्फ ग्रिड से जुड़े प्लांटों को लगवाने पर सरकारी सब्सिडी मिलेगी और इसमें खरीदे गए प्लांट की क्षमता 100 किलोवाट होना ज़रूरी रहेगा।

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