स्वयं फेस्टिवल के दौरान बाराबंकी में हुए 50 से ज्यादा कार्यक्रम, देखें झलकियां

Arvind ShukklaArvind Shukkla   20 Dec 2016 6:37 PM GMT

स्वयं फेस्टिवल के दौरान बाराबंकी में हुए 50 से ज्यादा कार्यक्रम, देखें झलकियांबाराबंकी के बेलहरा में चौपाल और सम्मान समारोह के दौरान जिले का नाम रौशन करने वाले 10 लोगों को जिला स्तरीय स्वयं अवार्ड से सम्मानित किया गया।

बाराबंकी। स्वयं फेस्टिवल के दौरान सबसे ज्यादा इवेंट जिले के ग्रामीण इलाकों में हुए। कहीं किसान चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी गईं तो कहीं किसानों को खेती को फायदा बनाने के गुर सिखाए गए। स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को कैरियर गाइडेंस, आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, सिलाई- बुनाई और पुलिस जागरुकता के तहत 1090 और महिला सम्मान प्रकोष्ठ के बारे में जानकारी दी गई।

सूरतंगज जिले के टांडपुर गांव में चौपाल के दौरान सैकड़ों ग्रामीण और कई स्कूलों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

2-8 दिसंबर 2016 के दौरान बाराबंकी में स्वयं फेस्टिवल की शुरुआत जिले के सबसे बड़े महिला कॉलेज मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय से हुई। यहां पर अपर पुलिस अधीक्षक शफीक अहमद ने छात्राओं को संबोधित किया। 5000 से ज्यादा संख्या वाले इस कॉलेज में पुलिस की तरफ से वुमेन पावर लाइन, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, डॉयल 100, पुलिस की ट्वीटर सेवा की जानकारी दी गई।

इस दौरान कई छात्राओं ने 1090 की पावर एंजिल बनने के लिए फार्म भी भरे। इसके साथ ही छात्राओं के बीच खोखो और पेंटिग पेंटिग प्रतियोगिता हुई। छात्राओं ने स्वच्छ भारत अपनी कल्पनाएं उकेंरी।

बाराबंकी के पटेल डिग्री कॉलेज में पुलिस जागरुकता समेत कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।

इसी दिन फतेहपुर ब्लॉक के युगांतर विद्यामंदिर और सूरतगंज के त्रिदेव बाल विद्या मंदिर के बीच क्रिकेट मैच हुआ, जिसमें युगांतर ने बाजी मारी। तो त्रिवेदी गंज ब्लॉक में हेल्थ कैंप, पशु टीकाकरण का आयोजन किया गया। नरेंद्रपुर मदरहा समेत कई गांवों के लोगों को इसका लभा मिला। यहां पर मिट्टी की जांचकर उन्हें कृषि विभाग द्वारा स्वाइल हेल्थ कार्ड भी दिए गए।

टांडपुर में चौपाल को संबोधित करते कृषि उपनिदेशक डॉ. एसपी सिंह।

3 दिसंबर को बाराबंकी सूरतगंज ब्लॉक के टांडपुर गांव में इलाके के पहली चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें दर्जनभर गांवों के 500 से ज्यादा किसानों और इलाके के पांच स्कूलों के बच्चों ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान कृषि विभाग द्वारा चंबल फर्टीलाइजर की मोबाइल वैन भेजकर मिट्टी की जांच कराई और समारोह के मुख्य अतिथि कृषि उपनिदेशक डॉ. एसपी सिंह ने किसानों को न सिर्फ कार्ड दिए बल्कि उन्हें खेती को फायदे का सौदा बनाने के गुर भी सिखाए गए। उन्होंंने सैकड़ों लोगों को सब्जिडी और ऑनलाइन फसल बीमा आदि के लिए पंजीकरण भी करवाया। किसानों को मुस्कान ज्योति संस्था की तरफ से कचरे से खाद बनाने की विधि भी बताई गई, जिसकी लागत सिर्फ 15 पैसे प्रति किलो आती है। यहां आधुनिक टैक्टर निर्माता कंपनी प्रीत टैक्टर के किसानों को नई अपने टैक्टर की खूबियां गिनाई। तो कार्वी संस्था की तरफ से सैकड़ों लोगों को मुफ्त आधार कार्ड बनाए गए।

गांव चौपाल

समारोह में शामिल ग्रामीण और छात्र-छात्राओँ को पुलिस की नई योजनाओँ की जानकारी दी गई। बाराबंकी जिला मुख्यालय और स्थानीय पुलिस ने पुलिस विभाग के अऩछुए पहलुओं की जानकारी दी, साथ ही पुलिस से बेहतर तरीके से काम लेने के तरीके भी बताए। पुलिसकर्मियोंं ने इसे अपने नौकरी के दौरान का बेहतर और अऩूठा पहलू बताया।

समारोह के दौरान बेलहरा कस्बे के यूनिक पब्लिक स्कूल, युगांतर विद्या मंदिर, शारदा विद्या मंदिर, छेदा इलाके के प्रेमा देवी विद्यालय, परमेश्वर इंटर कॉलेज, सूरतंगज के जागृति इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज, त्रिवेदीगंज के राजा अवध इंटर कॉलेज, बिशुनपुर के न्यू जय हिंद इंटर कॉलेज, भगौली तीर्थ के विवेकानंद शिक्षण संस्थान, लालपुर करौता के क्लामेक्स इंटर क़ॉलेज, काजी बेहटा के युंगातर विद्या मंदिर, हरख ब्लॉक के युग निर्माण इंटर कॉलेज समेत कई दर्जन स्कूलों में आत्मरक्षा, पुलिस जागरुकता, पेंटिग, रंगोली और विभिन्न तरह के मैच हुए। हजारों छात्राओं ने इस दौरान 1090 समेत कई योजनाओं के आगे प्रचार प्रसार और पुलिस के सहयोग की भी बात कही। उन्होंने कहा कि अब वो पुलिस से डरेंगी नहीं बल्कि जरुरत पड़ने पर उनके कान और आंख बनेंगी।

पटेल डिग्री कॉलेज में छात्राओं को पुलिस की नई योजनाओं की जानकारी देते एएसपी शफीक अहमद।

4 दिसंबर को देवा ब्लॉक के दफेदार पुरवा में प्रगतिशील किसान और मशहूर फूल उत्पादक मोइऩुद्दीन के फार्म हाउस और ग्रीन हाउ पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कई गांवों के किसान, उद्यान विभाग और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मोइनुद्दीन ने किसानों को पारंपरिक खेती को छोड़कर फूलों की खेती करने के फायदे गिनाए और खेती विधियां सिखाई। लोगों को बागवानी विभाग की योजनाएं बताई गईं और मृदा कार्ड बांटे गए।

रमपुरवा में किसान गोष्ठी के दौरान नाबार्ड की शेफाली अग्रवाल, जिला उद्यान अधिकारी जयकरण सिंह, कृषि उपनिदेशक डॉ, एसपी सिंह और प्रगतिशील किसान हरीश वर्मा।

5 दिसंबर को बड़े कार्यक्रम में फतेहपुर ब्लॉक के रमपुरवा गांव में मशहूर केला उत्पादक प्रगतिशील किसान हरीश वर्मा के यहां किसान गोष्ठी हुई, जिसमें बाराबंकी के साथ ही सीतापुर और बहराइच के प्रगतिशील किसान में शामिल हुए।

रमपुरवा की चौपाल में बहराइच के किसान गुलाम अमहद ने कई अपने तर्कों से अधिकारियों को तालियां बजाने में मजबूर कर दिया।

किसानों को जिला उद्यान अधिकारी जयकरण सिंह, कृषि उपनिदेशक डॉ. एसपी सिंह, नाबार्ड की डीआरएम शेफाली अग्रवाल समेत कई कृषि जानकारों ने संबोधित किया। गोष्ठी में करीब 500 किसानों ने भाग लिया और केले की हाईटेक खेती का निरीक्षण भी किया।

बिशुनपुर के जयहिंद इंटर कॉलेज में पुलिस सेशन के दौरान पुलिसकर्मियों की बातें सुनतीं छात्राएं।

देवां ब्लॉक के बिशुनपुर के जय हिंद इंटर कॉलेज में क्राइम ब्रांच में तैनात बृजनाथ दि्वेदी और पुलिस पीआरओ सेल में तैनात आरक्षी और मास्टर ट्रेनर मनीष मिश्र ने छात्राओं को पुलिस विभाग की तरफ से महिलाओं की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें सीधे तौर पर उन्हें जोड़ने की कोशिश की गई।

बेलहरा की चौपाल में उमड़ी किसानों की भीड़।
चौपाल और सम्मान समारोह को संबोधित करते कृषि उपनिदेशक डॉ. एसपी सिंह।

6 दिसंबर को फतेहपुर के बेलहरा कस्बे में चौपाल और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें जिले का नाम रौशन करने वाले प्रगतिशील किसानों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जिला स्तरीय स्वयं अवार्ड से सम्मानित किया गया।

बेलहरा में घोड़ा पालकों को उनके रखरखाव के तरीके बताए गए।

समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए डॉ. एसपी सिंह ने किसानों को उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुध प्रयोग के प्रति जागरुक किया। यहां बागवानी विभाग ने लोगों को फल, फूल और सब्जियों की खेती के फायदे, तरीके और विभाग के लाभ के बारे में जानकारी दी। चौपाल में ब्रुक इंडिया की तरफ से घोटों और गधों के लिए हेल्थ कैंप लगाए गए और पशुपालकों को उन्हें सही तरीके से रखऩे की जानकारी, सही तरीके से नाल लगाना सिखाया गया।

बेलहरा में होंडा कंपनी के अपने पोर्टबल पंप का खेत में किसानों के सामने प्रदर्शन किया।

यहां होंडा कंपनी के अपने आधुनिक पोर्टेबल पंप पास के खेत में ले जाकर प्रदर्शन किया तो जैन इरीगेशन की तरफ से बूंद-बूंद सिचाई प्रणाली का भी डेमो किया गया। साथ ही प्रीत टैक्टर और जैन इंटरनेशऩल एजेंसी की तरफ से आधुनिक हैरो और लेवलर भी प्रदर्शित किया गया। इस दौरान कई स्कूलों में हुई प्रतियगिताओं के विजयी छात्रों को सर्टिफिकेट दिए गए। समारोह में प्रगतिशील किसान मोइनुद्दीन, रमेशचंद मौर्या , सुरमैल सिंह गांधी ने भी संबोधित किया। बेलहरा चौकी प्रभारी ने लोगों को आधुनिक पुलिसिंग के बारे में जागरुक किया।

घाघरा की तराई में बसे लालपुर करौता में रंगोली का अवलोकन करते निर्णायक।

7 दिसंबर को घाघरा की तराई में बसे जिले के अति पिछड़े इलाके लालपुर करौता में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों के लिए कैरियर गाइडेंस, मेंहदी, ड्राइंग और रंगोली प्रतियोगिताएं हुईं तो आसपास के किसानों और पशुपालकों के लिए पशु टीकाकरण, डेयरी लगाने के लिए जानकारी दी गई तो कृषि विभाग की तरफ से मृदा जांचकर न सिर्फ उनके कार्ड दिए गए बल्कि उसके फायदे भी बताए गए। इस दौरान लालपुर करौता के चौकी प्रभारी ने छात्राओं को 1090 के फार्म भी दिए ताकि वो पावर एंजिल बन सकें। ये पहला मौका था जब इस इलाके में पुलिस सीधे छात्र-छात्राओं और किसानों से रुबरु हुई थी।

हरख ब्लॉक के युग निर्माण कॉलेज में कैशलेश मनी पर बात विवाद प्रतियोगिता भी हुई।

8 तारीख को बड़े इवेंट के रुप में निंदूरा ब्लॉक के देवरा गांव में किसान गोष्ठी तो हरख ब्लॉक के युगनिर्माण इंटर कॉलेज में कई तरह के कार्यक्रमों हुए। देवरा में पशु विभाग की तरह से हेल्थ कैंप और टीकाकरण किया गया तो कृषि विभाग ने मिट्टी की जांच कर किसानों को विभाग की योजनाएं गिनाईं।

फतेहपुर के विवेकानंद इंटर कॉलेज में छात्राओं को सिलाई-कढ़ाई की ट्रेनिंग देती ट्रेनर सौम्या तिवारी।

वहीं युगनिर्माण इंटर कॉलेज में कैशलेस पर वाद विवाद प्रतियोगिता, रंगोली, करियर गाइडेंस और पुलिस जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसी दौरान फतेहपुर ब्लॉक के भगौली तीर्थ के स्वामी विवेकानंद कॉलेज में सिलाई-कढ़ाई की ट्रेनिंग दी गई।

काजीबेहटा गांव में युगांतर विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने गरीबों को आम और नीम के पेड़ दिए।

काजीबेहटा गांव में युगांतर विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं की तरफ से गरीब लोगों को आम और नीम के पेड़ वितरित किए गए। छात्र-छात्राओं और स्कूल के शिक्षकों ने तालाब और गांव में लोगों को साफ सफाई के फायदे भी गिनाएं।

टांडपुर समेत पूरे बाराबंकी के 10 इलाकों में मृदा का जांच कर मौके पर लोगों को स्वाइल हेल्थ कार्ड दिए गए।

2-8 दिसंबर के बीच जिले में 50 से ज्यादा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशु धन और स्वास्थ समेत कई विभागों, कई सामाजिक सस्थाओं और दो दर्जन से ज्यादा स्कूल और कॉलेजों का भरपूर सहयोग मिला।

देवां के दफेदारपुरवा में किसानों ने प्रगतिशील किसान मोइनुद्दीन के ग्रीन हाउस में फूलों की खेती के गुर सीखे।

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