उमेश के लिए बेकार है बाल संरक्षण दिवस

Swati ShuklaSwati Shukla   1 Jun 2016 5:30 AM GMT

उमेश के लिए बेकार है बाल संरक्षण दिवसगाँव कनेक्शन

लखनऊ। हर बार की तरह इस बार भी अमीनाबाद में काम करने के बाद उमेश सूट बेचकर बाल संरक्षण दिवस मनाएगा क्योंकि उसके द्वारा कमाए गए चंद रुपयों से ही उसके घर का खर्च चलता है।

भले ही देश में एक जून को अंतरराष्ट्रीय बाल संरक्षण दिवस मनाया जाता हो पर जमीनी हकीकत कुछ और है। बाल मजूदरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। उमेश की उम्र अभी 13 वर्ष है। वो बताता है कि पिता की मृत्यु हो जाने के बाद से वह अपने भाई के साथ बच्चों के सूट बेचने का काम करता है। किराए के घर में रहने वाले उमेश की दो बहनें और तीन भाई हैं। वो बताता है कि अगर वो ये काम नहीं करेगा तो घर का खर्च चलना मुश्किल हो जाएगा। उससे पूछा गया कि उसे बाल संरक्षण दिवस के बारे में कुछ जानकारी है तो उसने बताया कि आज तक स्कूल नहीं गए तो ये क्या होता, मुझे क्या पता।

बाल संरक्षण दिवस 1950 एक जून को मनाया जाता है। यह दिन इस बात की याद दिलाता है कि हर बच्चा खास है और यह दिन बच्चों को उचित जीवन दिए जाने की भी याद दिलाता है। 

यही हाल 12 वर्षीय सचिन का है। खेलने कूदने की उम्र में वह मजदूरी करने को मजबूर है। ये काम वो अपनी मर्जी से नहीं बल्कि अपनी बहन को बेहतर शिक्षा देने के लिए कर रहा है। सचिन पंचर जोड़ने का काम करता है। सचिन कुमार बताता है, “इस दुकान पर काम करते दो साल हो गये हैं, ये काम मैं अपनी बहन को पढ़ाने के लिए कर रहा हूं। मोहल्ले के सारे बच्चे स्कूल जाते हैं, पर मेरी बहन नहीं जाती है, हमारे पास पढ़ाने के लिए पैसा नहीं है, मां दूसरों के घर पर बर्तन मांजती है, जिससे घर का खर्च चलता है। रोज 50 से 60 रुपए मैं कमाता हूं तब जाकर बहन पूजा की हर महीने डेढ़ सौ रुपए फीस जमा कर पाता हूं।”

बालश्रमिकों के लिए योजनाएं

सहायक श्रमायुक्त किरन मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कंडीशनल कैश ट्रान्सफर योजना के अन्तर्गत  ऐसे पात्र बाल श्रमिक जिन्होंने कक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, को सहायता अनुदान के रूप में प्रति बाल श्रमिक 5000 रुपए एवं अगली कक्षा में प्रवेश हेतु 3000 रुपए प्रति बाल श्रमिक भुगतान किये जाने का प्राविधान है  

दस बालश्रमिकों को मुक्त करवाया

जिलाधिकारी के निर्देश पर सहायक श्रमायुक्त किरन मिश्रा के नेतुत्व में श्रम परिर्वतन अधिकारियों की टीम द्वारा बाल श्रम हेतु अभियान चलाया गया जिसमें 10 बाल श्रमिकों रोशन, अमन, सोनू, गुफरान, तमशीर, अनुज, अरुण, राहुल, मनीष, राहुल को छुड़वाया गया। जिलाधिकारी राज खर ने बताया कि चिन्हित बाल श्रमिकों में से पात्र बाल श्रमिकों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडे़ने हेतु बेसिक शिक्षा विभाग को कार्यवाही हेतु निर्देश किया है।

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