खेती किसानी के जानकार बोले, बजट में किसानों की आय दोगुनी करने की नहीं दिखी ठोस योजना

खेती किसानी के जानकार बोले, बजट में किसानों की आय दोगुनी करने की नहीं दिखी ठोस योजनाकृषि क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की उम्मीद कर रहे थे किसान और कृषि के जानकार।

लखनऊ। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में मध्यम वर्ग को राहत दी। किसानों को दस लाख करोड़ कर्ज बांटा जाएगा। स्वाइल हेल्थ कार्ड को बढ़ावा दिया जाएगा और नाबार्ड के सहयोग किसानों को कर्जा देने वाली समितियों का कंप्यूटरीकरण होगा। हालांकि चुनाव साल में ‘कर्ज़ा माफ’ जैसी बड़ी राहत की उम्मीद कर रहे किसानों को झटका लगा है। कृषि विशेषज्ञ और किसान नेता कह रहे हैं बजट में किसानों के लिए कुछ खास नही हैं।

देश के कुल मजदूरों का 80 फीसदी भाग आज भी खेती-किसानी से जुड़ा है।

कृषि के जाने माने कृषि विशेषज्ञ और नीति विष्लेशक देवेंदर शर्मा ने कहा बजट में खेती के क्षेत्र में लगे लोगों के लिए कुछ खास नहीं है। उन्होंने अपने ट्वीटर पर लिखा कि वित्त मंत्री अरुण ने आने वाले पांच वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही है, लेकिन कोई कंकरीट योजना नहीं दिखी। वहीं खेती-किसानी से जुड़े लेखक कुर्मानाथ ने कहा, “एक रिपोर्ट के मुताबिक 12000 किसानों की जान गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खेती की समस्याओं और परेशानियों का जिक्र नहीं किया।”

बजट के समर्थकों ने कहा कि किसानों को सीधी राहत भले न दी गई हो लेकिन जैविक खेती को बढ़ावा, स्वाइल हेल्थ कार्ड, मनरेगा का बजट बढ़ना, रेलवे के वेस्ट मैटेरियल से जैविक खाद, पांच लाख तालाबों का निर्माण होना साथ ही डेयरी विकास कोष को मिले 8 हजार करोड़ रुपये आदि का संबंध खेती और किसान से जुड़ा है। गांव कनेक्शन से सीतापुर जिले में कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के कृषि वैज्ञानिक डॉ. दयाशंकर श्रीवास्तव से बजट में किसान और खेती के क्या है इस पर चर्चा की।

सुनिए पूरा इंटरव्यू।

ये भी पढ़ें

आम बजट में कृषि क्षेत्र के लिए रिकार्ड 10 लाख करोड़ रुपए का ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य

किसानों की मांग : कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग कानून में बटाईदारी के लिए हों नियम

अर्थ शास्त्री नहीं आम आदमी की नज़र से देखिए बजट


खेती किसानी से जुड़ी तमाम दूसरी खबरों को पढ़ने के लिए यहां जाएं - http://www.gaonconnection.com/section/kheti-kisani

Share it
Top