‘एम-किसान पोर्टल’ से जुड़ेंगे 33 लाख गन्ना किसान

‘एम-किसान पोर्टल’ से जुड़ेंगे 33 लाख गन्ना किसान33 लाख गन्ना किसानों को ‘‘ एम-किसान पोर्टल ‘‘ से जोड़ा जाएगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान टेक्नोलाजी का लाभ उठाकर गन्ने की खेती से लाभ कमा सकें इसके लिए प्रदेश के सभी 33 लाख गन्ना किसानों को ‘‘ एम-किसान पोर्टल ‘‘ से जोड़ा जाएगा। यह घोषणा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री (स्ववंत्र प्रभार) सुरेश राणा ने की।

मंगलवार को चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के तत्वावधान में गन्ना संस्थान, डालीबाग के सभागार में आयोजित दो दिवसीय एम-किसान एवं किसान काल सेन्टर प्रशिक्षण कार्यशाला का उदघाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर की ओर से प्रकाशित ‘‘ गन्ना खेती कैलेण्डर ‘‘ का विमोचन भी किया गया।

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सुरेश राणा ने कहा कि प्रदेश की गन्ना उत्पादकता में लगातार 5 वर्ष से वृद्धि हो रही है। वर्ष 2016-17 में गन्ना उत्पादकता 72.38 टन प्रति हेक्टेयर थी, जो कि राष्ट्रीय औसत 70.7 टन प्रति हेक्टेयर से अधिक है।

गन्ना मंत्री ने कहा कि पिछले पेराई सत्र में प्रदेश ने देश में सर्वाधिक चीनी उत्पादन का कीर्तिमान भी स्थापित किया। एम-किसान पोर्टल और किसान काल सेन्टर से प्रदेश के गन्ना किसानों को जोड़ने की पहल शीघ्र ही नया रंग लाएगी।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा कि आज क समय में मोबाइल टेलीफोन, कृषि विस्तार का सर्वव्यापी और शक्तिशाली साधन हैं। गन्ना विकास विभाग प्रदेश के किसानों को एम-किसान पोर्टल और किसान काल सेन्टर से जोड़ने का जो विधिवत प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है वह उपयोगी और प्रशंसनीय है।

उन्होंने यह भी बताया गया कि वक्त की मांग है कि गन्ना वैज्ञानिक कुछ ऐसी गन्ना प्रजातियां विकसित करें जो कम पानी में भी अच्छी उपज दे सकें क्योंकि आने वाले समय में पानी उपलब्धा में निरंतर कमी आ सकती है।

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इस दो दिवसीस कार्यशाला के पहले दिन 5 सत्रों का आयोजन किया गया है, जिसमें लखनऊ, फैजाबाद और देवीपाटन मंडल के प्रगतिशील गन्ना किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को तीन सत्रों में सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, देवरिया, बरेली और गोरखपुर के किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस तकनीकी प्रशिक्षण में किसानों को भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में फार्म विजिट भी कराया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए भारत सरकार से निदेशक (फार्म इन्फारमेशन) डा. शैलैश कुमार मिश्र, मुख्य परामर्शदाता एस.एल. कुकरेजा और शिल्पा मेहता एम-किसान पोर्टल से जुड़ने की तकनीक बारीकी बता रहे हैं।

पहले चरण में प्रदेश के 2500 प्रगतशील गन्ना किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद मण्डल स्तर पर और जिला स्तर पर एम-किसान पोर्टल से गन्ना किसानों को जोड़ने के लिए विभागीय नोडल अधिकारी भी नामित किए जा रहे हैं।

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