कन्नौज: खिचड़ी भोज में शामिल हो मुस्लिमों ने बांटे गर्म कपड़े, पेश की नई मिसाल

Mo. ParvezMo. Parvez   14 Jan 2018 6:55 PM GMT

कन्नौज: खिचड़ी भोज में शामिल हो मुस्लिमों ने बांटे गर्म कपड़े, पेश की नई मिसालखिचड़ी के साथ स्वेटर प्राप्त करतीं महिलाएं व बच्चे

मोहम्मद परवेज

तिर्वा (कन्नौज)। ‘‘मेरे बच्चन के पास सूटर नाहीं हैं। सब अईसेई स्कूल जात हैं। जबसे इनके पापा रहे नाहीं, तब से बहुत दिक्कत हुई रही है। कोई कमान बालो है नाहीं। जैसे-तैसे हम मेहनत मजदूरी करके बच्चा पाल रहे। एक छोटे बाले के लै दई देवो हमें तो कुछ मालूम नाहीं होत। आज हमारे गाँव के कुछ लोग तिर्वा आए हते, उन्ने बताओ कि स्वेटर बांटे जाई रहे हैं। तब हम आये हैं बच्चन की खातिर।’’ यह कहना सुमन देवी (40 वर्ष) निवासी ड्योढा की।

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जिला मुख्यालय कन्नौज से करीब 25 किमी दूर तहसील तिर्वा क्षेत्र डयोढ़ा गाँव निवासी सुमन ही नहीं कई लोगों ने गाँव कनेक्शन और कपड़ा व्यापारी की ओर से स्टाल लगाकर बांटे गए गर्म कपड़ों का लाभ उठाया। खास बात यह रही कि खिचड़ी भोजन में मुस्लिम व्यापारी ने शामिल होकर गरीबों को राहत दी।

गाँव कनेक्शन और कपड़ा व्यापारी ने सर्दी में दी गरीबों को राहत

मझरेठा निवासी तिर्वा के व्यापारी मोहम्मद हनीफ बताते हैं, ‘‘मैं कपड़े का कारोबार करता हूं। मेरी दुकान पर बहुत से गरीब लोग लौट जाते थे, क्योंकि मैं मोलभाव नहीं करता था। एक दिन मैंने फेसबुक पर देखा कि गाँव कनेक्शन टीम के लोग नए व पुराने वस्त्र गरीब लोगों को बांट रहे हैं तो गाँव कनेक्शन की पहल से मेरे अन्दर भी सेवा का भाव जागा। मेरे मित्र हर बार खिचड़ी वितरण करते हैं तो मैंने उनसे कहा की इस बार स्वेटर भी बांटो। सभी लोग तैयार हो गए। हमने स्वेटर दिए अन्य लोगो ने खिचड़ी में सहयोग किया। जिसमे गाँव कनेक्शन टीम का भी सहयोग रहा।’’

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तिर्वा कस्बे के वीरांगना ट्रांसपोर्ट के 50 वर्षीय मालिक दिनेश सिंह बताते हैं, ‘‘हम कई लोग मिलकर हर बार खिचड़ी बांटते हैं। लेकिन मेरे मित्र ने कहा इस बार खिचड़ी के साथ-साथ गर्म कपड़े भी वितरित करो। मुझे उसकी बात बहुत अच्छी लगी, क्योंकि हम ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। इस सीजन में मैंने देखा की कई गाँव से किसान आए, उसमे से कुछ ऐसे भी थे जिनके पास गर्म कपड़े नहीं थे और उनको आलू का भाव भी ठीक नहीं मिला।’’

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