संयुक्त घरों को बचाने के लिए इटावा में पहल, आदर्श परिवार किए सम्मानित

संयुक्त घरों को बचाने के लिए इटावा में पहल, आदर्श परिवार किए  सम्मानितसंयुक्त परिवार दिवस के कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते मुख्य अतिथि।

इटावा। “संयुक्त परिवार आदर्श एवं संस्कारवान समाज के आधार हैं, लेकिन बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब संयुक्त परिवार, एकल परिवार में बदलते जा रहे हैं। ये बात राज्यसभा सांसद एवं केन्द्रीय समाज सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष बाबू दर्शन सिंह यादव ने कही। वे केन्द्रीय समाज सेवा समिति के तत्वावधान में यहां आयोजित संयुक्त परिवार दिवस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। आगे कहा कि एकल परिवारों से भारत नहीं चल सकता। भारत को बचाना है, तो संयुक्त परिवारों को फिर से मजबूत बनाना होगा। ये काम माताएं ही कर सकती हैं।”

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उन्होंने कहा,“ आज समाज की जो मर्यादाएं तार-तार होती दिखाई दे रही हैं, उसका मुख्य कारण सामूहिक परिवारों का टूटना है। संतान अपने माता-पिता बड़े बुजुर्गों का आदर नहीं करते। पहले संयुक्त परिवारों में घर के मुखिया और बड़े बड़े बुजुर्ग बच्चों को टोकते थे, तो वे मर्यादा में रहते थे। आज ऐसा नहीं है क्योंकि एकल परिवारों में कोई टोकने वाला नहीं होता।"

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इससे पूर्व सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में मथुरा से पधारे यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष बाबा जयकिशन दास ने कहा,“ आज देश में परिवारों के टूटने का तूफान सा चल रहा है, लेकिन संयुक्त परिवर न रहे तो समाज कैसे बचेगा। आज के बच्चे उन्मत्त और संस्कारहीन होते जा रहे हैं, तो इसकी वजह परिवारों का टूटना ही है।

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पश्चिम की एकल परिवार संस्कृति भारत में भी पनपने लगी है, इसे रोके जाने की जरूरत है।” इस अवसर पर समिति की ओर से समाज के सात आदर्श परिवारों के प्रतिनिधियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।

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