अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला किसानों की दी गई खेती की नई तकनीक की जानकारी 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला किसानों की दी गई खेती की नई तकनीक की जानकारी महिला किसानों को मिली जानकारी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला किसानों को मेंथा की खेती की नई तकनीक की जानकारी दी गई, जिससे वो कम लागत में मेंथा का अच्छा उत्पादन पा सकें।

बाराबंकी जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूरी पर स्थित कस्बा जैदपुर में एएसआई संस्था द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, जिसमें जिले के कई गाँवों से सैकड़ो की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। इन महिलाओं में अधिकतर महिला किसान थी। एएसआई संस्था विशेषकर महिला किसानों और महिला सशक्तिकरण के लिए ही काम करती है।

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एएसआई द्वारा बाराबंकी जिले में पहली बार शुभमिन्ट प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया है। इस प्रोजेक्ट के जरिए महिला मेंथा किसानों को मेंथा की खेती करने के कई तरह के ऐसे उपाय बताए जाएंगे, जिससे कि कम लागत में अधिक मेंथा आयल का उत्पादन किया जा सके।

वहीं शुभमिन्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिजीत शर्मा ने बताया, "ये प्रोजेक्ट बाराबंकी में चलाया जा रहा है जिसका टारगेट है कि आने वाले पांच वर्षों में हम करीब 22000 मेंथा किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अक्सर लोगों का मानना होता है कि मेंथा की खेती में सिचाई में पानी ज्यादा लगता है इसको कम करने में आने वाले 20 से 25 दिनों में हम मेंथा की खेती में भी मल्चिंग विधि का उपयोग करेंगे जिससे पानी कम लगे और कम लागत में अधिक मुनाफा हो।"

अभिजीत शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, शुभमिन्ट

अक्सर लोगों का मानना होता है कि मेंथा की खेती में सिचाई में पानी ज्यादा लगता है इसको कम करने में आने वाले 20 से 25 दिनों में हम मेंथा की खेती में भी मल्चिंग विधि का उपयोग करेंगे जिससे पानी कम लगे और कम लागत में अधिक मुनाफा हो
अभिजीत शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, शुभमिन्ट

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अक्सर लोग व यहां तक कि महिलाए भी पुरुषों को किसान का दर्जा देती हैं। जबकि खेती में महिलाओं का भी अहम योगदान रहता है उसके बावजूद भी महिलाओं को किसान का दर्जा नही दिया जाता है। महिला किसानों खास कर मेंथा की महिला किसानों को बढ़ावा देने और कम लागत में अच्छा मेंथा ऑयल का उत्पादन करने की बात भी यहां की गई।

महिलाओं ने प्रस्तुत किया नाटक

एएसआई कि जेंडर एक्सपर्ट बिदिशा कुमारी ने बताया, "हम लोग महिला किसानों के लिए काम करते हैं और अक्सर लोग सिर्फ पुरुषों को ही किसान का दर्जा देते हैं, जबकि किसानी में महिलाओं का भी अहम रोल होता है।अंतरास्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर हमने यहां सैकड़ों महिला किसानों के साथ इसको मनाया और हम लोग महिला किसानों के समूह बनाते जिससे उनको उनका महत्व पता चल सकेऔर उनके परिवारों का विकास हो सके।"

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वही कंट्री रिप्रेजेंटेटिव अमित कुमार सिंह ने बताया, "हम लोग महिला सशक्तिकरण के लिए काम करते हैं और इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हमने मेंथा की महिला किसानों के साथ इसको मनाया और मेंथा की महिला किसान सशक्तिकरण आज का हमारा मुख्य उद्देश्य था।"

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