खुले में शौच रोकने के लिए लगाये जा रहे हैं धार्मिक महत्व वाले पौधे

खुले में शौच रोकने के लिए लगाये जा रहे हैं धार्मिक महत्व वाले पौधेखुले में शौच से मुक्त करने के लिए लगाए जा रहे पेंड़।

गोण्डा (भाषा)। खुले में शौच को रोकने के लिए वृक्षारोपण अभियान के तहत धार्मिक महत्व वाले पौधे लगाये जा रहे हैं। जिला प्रशासन यहां पीपल, आम, बरगद, नीम, शमी और तुलसी के पौधे बो रहा है। इन पौधों को उन स्थानों पर लगाया जा रहा है, जहां लोग खुले में शौच करते हैं।

हाल के स्वच्छ भारत सर्वे में गोण्डा को देश के सबसे गंदे नगरों में से एक माना गया है। वृक्षारोपण अभियान 16 ब्लॉक में चल रहा है। हर ब्लॉक से पांच गाँव यानी कुल 80 गाँवों में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि वे लोग भी खुले में शौच के लिए जाते हैं, जिनके घरों में शौचालय बने हुए हैं। प्रशासन ने इन हालात में ऐसी जगहों का चयन किया, जहां बहुतायत में लोग खुले में शौच के लिए आते हैं।

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पीपल, तुलसी और बरगद जैसे पौधों का उपयोग पूजा में होता है और गाँव वाले इनके धार्मिक महत्व को बखूबी समझते हैं। हाल ही में कुछ जिलों में सरकारी कार्यालयों की दीवारों पर देवी देवताओं के चित्र अंकित टाइल्स लगाये गये थे, ताकि लोगों को पान या पान मसाले की पीक थूकने से रोका जा सके।

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