सड़कों के गड्ढे दूर करेंगी सड़क एम्बुलेंस

सड़कों के गड्ढे दूर करेंगी सड़क एम्बुलेंसलखनऊ में कांफ्रेंस की उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने की अध्यक्षता।

लखनऊ। “सड़कों के छोटे-मोटे गड्ढे रोकने के लिए रोड एम्बुलेंस काफी कारगर सिद्ध हुई है, इससे छोटे-मोटे गड्ढे ठीक करने के साथ-साथ तत्काल सूचनाओं के आदान-प्रदान से दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने में शीघ्रता होती है।“ यह बातें बिहार के लोक निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कही।

सड़क निर्माण में नई तकनीक का बहुत महत्व

वह डॉ. भीम राव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण की नई तकनीक विषयक कार्यशाला के दूसरे दिन के तकनीकी सत्र में बोल रहे थे। इस सत्र की अध्यक्षता प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया। कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए नंद किशोर यादव ने आगे कहा, “सड़क निर्माण में नई तकनीक का बहुत ही महत्व है, हमें उच्च गुणवत्ता की सड़कों के निर्माण के साथ ही साथ हो रही दुर्घटनाओं को भी कम करने का प्रयास करना चाहिए।“

उसका लाभ उत्तर प्रदेश की जनता को मिलेगा

वहीं, कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “लखनऊ कांफ्रेंस में देश और विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक उपस्थित हुए हैं, ऐसे में वैज्ञानिकों की ओर से जो सड़क निर्माण की नई तकनीक के सम्बध में विचार मंथन हुआ है, उसका लाभ उत्तर प्रदेश की जनता को मिलेगा।“ उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “कांफ्रेंस के माध्यम से प्राप्त नवीनतम सड़क तकनीक से प्रदेश में बनने वाली सड़कें सस्ती और टिकाऊ होगीं।“ उन्होंने अधिकारियों को आह्वान किया कि उन्हें डर कर काम करने की जरुरत नहीं है। निडरता एवं दृढ़ता के साथ कार्य करें। हमें करप्शन लैस रोड कन्सट्रक्शन चाहिए। सभी कार्य टीम भावना से होते हैं। इसलिए गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने के लिए अपना हौसला रखें।“

ताकि सड़कों की गुणवत्ता में सुधार हो

मौर्य ने कहा, “हमारा प्रयास है कि उत्तर प्रदेश की जो सड़कें हैं, उनकी गुणवत्ता में सुधार हो, टिकाऊ हों और कम लागत लगे। प्रदेश में कुछ स्थानों पर सड़क बनवाने में नई तकनीक का प्रयोग हुआ है और आशातीत अच्छे परिणाम मिले हैं। आज की कार्यशाला से जो तकनीक निकलकर आएगी, उसका प्रयोग प्रदेश की सड़कों के निर्माण में किया जाएगा।“

पीडब्ल्यूडी के कार्यों में बड़े पैमाने पर सुधार किया जाएगा

उप मुख्यमंत्री ने कहा, “यद्यपि नई तकनीक से सड़क निर्माण में उपयोग आने वाली मशीनों को बनाने वालों और बेचने वालों की देश में कमी है। हम इस दिशा में काम करने के लिए आने वालों को हर सम्भव प्रोत्साहन देंगे और सड़क निर्माण में होने वाले हर स्तर के भ्रष्टाचार को रोकेंगे, इसके लिए पीडब्ल्यूडी के कार्यों में बड़े पैमाने पर सुधार किया जाएगा।“

ये अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की रोड तकनीक श्रृंखला की पहली कड़ी

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहा, “यूपी में इस प्रकार का आयोजन पहली बार हुआ है। ये अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की रोड तकनीक श्रृंखला की पहली कड़ी है। इसका लाभ तभी है जब आगे भी इस प्रकार की नई सड़क तकनीक पर कांफ्रेंस होती रहे क्योंकि इससे जो ज्ञान की गंगा बहती है, उसका लाभ सभी को होता है।“ उन्होंने कहा, “यदि हम सड़कों के निर्माण के लिए नई तकनीक अंगीकृत करते हैं तो ऐसा करने से कम लागत में भी अधिक टिकाऊ सड़कें बनतीं हैं, जो पर्यावरण के लिए लाभकारी है क्योंकि इसमें कम मात्रा में कंकरीट आदि की जरुरत होती है तथा पॉलीथीन जैसा वेस्ट मैटेरियल उपयोग होता है।“

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रदेश सरकार की प्राथमिकता

वहीं, यूपीडा के कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, “प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रदेश सरकार की शीघ्र प्राथमिकता में है। इसका विस्तार करते हुए हमें बनारस, इलाहाबाद, गोरखपुर को जोड़ते हुए पटना को जोड़ना है और इस दिशा में हम गम्भीरतापूर्ण कार्य कर रहे हैं।“ इससे पहले तकनीकी सभा में उपस्थित सड़क निर्माण की नयी तकनीक पर उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा सड़क निर्माण की नयी तकनीक, सड़क निर्माण में गुणवत्ता, पर्यावरण सुरक्षा, टिकाऊपन, लागत तथा सड़क बनाने में लगने वाली सामग्री की उपयोगिता एवं मिक्सिंग आदि के बारे में गहन विचार-विमर्श किया।

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