अगले सत्र से एनसीआरटी पैटर्न पर पढ़ाई

अगले सत्र से एनसीआरटी पैटर्न पर पढ़ाईसम्मान करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

लखनऊ। प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए सरकार एक जुलाई से दो बड़े कदम उठाने जा रही है। एक तो अगले सत्र से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एनसीआरटी पैटर्न पढ़ाई शुरु करेगा; दूसरे, घरों से बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए एक से पंद्रह जुलाई के बीच 'खूब पढ़ो, खूब बढ़ो' अभियान शुरू किया जाएगा।

इस विशेष अभियान के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "इसका मकसद यह है कि कोई बच्चा स्कूल जाने से छूटे न जाए। इसी के साथ कक्षा एक से आठ तक बच्चों को किताबें, यूनिफार्म और जूते-मोजे दिए जाएंगे।"

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को सभी बोर्ड के मेधावियों को सम्मानित किया। महिला एवं बाल कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 146 छात्र-छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसमें तीनों बोर्ड, आईसीएसई, सीबीएसई और यूपी बोर्ड के मेधावियों को सम्मानित किया गया।

शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की योगी सरकार की प्रतिबद्धता को बताते हुए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा, "अगले सत्र से स्कूलों में छात्रों के प्रवेश को एक महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। पूरे सत्र के दौरान निर्धारित किया जाएगा कि दो सौ दिन की पढ़ाई हो, और 20 दिन मॉनीटरिंग हो।"

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मुख्यमंत्री ने सभी बोर्ड के टॉपर लड़कियों के नाम पढ़ते हुए कहा, "जो लोग भ्रूण हत्या करते हैं, और बच्चियों को पढ़ने से रोकते हैं, उनके लिए लिए सबक है। बालिकाएं हर रोज आगे बढ़ रही हैं।" मेधावियों को एक-एक लाख की मदद और लैपटाप भी दिया गया। "तनाव युक्त बच्चा पढ़ नहीं सकता और दुखी मन से शिक्षक पढ़ा नहीं सकता। इसे रोकने के प्रयास होंगे," उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा, "कोचिंग सिस्टम पर लगाम लगाने के लिए गरीब बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं की भी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही 166 दीनदयाल मॉडल स्कूल खोले जाएंगे।"

सम्मानित होने वाले कुल 147 मेधावियों में से 99 छात्राएं थीं। वहीं कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा, "महिला कल्याण विभाग दो लाख से कम आय के परिवार के मेधावियों को प्रोफेशनल करने में मदद करेगा।" आगे कहा, "यूपी में माहौल ऐसा होगा कि कुछ दिनों में छात्र-छात्राएं बाहर से यहां पढ़ने आएंगे।"

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