सोचिए अगर आपका मोबाइल फोन आपसे ले लिया जाए तो क्या होगा

डेढ़ दशक पहले तक लोगों ने सोचा भी नहीं होगा की, लम्बे एंटीना वाला फिल्मों की स्क्रीन में हीरो-हिरोइन के हाथ में दिखने वाला मोबाइल फोन पन्द्रह साल बाद लगभग हर हाथ में होगा।

सोचिए अगर आपका मोबाइल फोन आपसे ले लिया जाए तो क्या होगा

लखनऊ /कानपुर। सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप,फेसबुक, ट्विटर, इत्यादि का चलन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है, जैसे-जैसे लोग इस आभासी दुनिया के हिस्से बनते गये और "वर्चुअल रिश्तेदारी" अस्तित्व में आ गयी। लोगों का दायरा बढ़ने लगा साथ ही त्वरित सूचनाएं अपने परिजनों को भेजने की सुविधा भी मिली हैं। फोन और सोशल मीडिया इस कदर जिन्दगी का हिस्सा बना गए हैं की सोचिये अगर कभी कुछ दिनों के लिए आपको फोन और सोशल मीडिया से दूर कर दिया जाए तो क्या होगा।


आभासी दुनिया हैं जरा संभल कर रखे कदम

डेढ़ दशक पहले तक लोगों ने सोचा भी नहीं होगा की ,लम्बे एंटीना वाला फिल्मों की स्क्रीन में हीरो -हिरोइन के हाथ में दिखने वाला मोबाइल फोन पन्द्रह साल बाद लगभग हर हाथ में होगा। यही नहीं तकनीक क्रांति के चलते मोबाईल पहले फैशन, फिर जरुरत और अब जिन्दगी का अहम हिस्सा बन गया हैं।

सकारात्मक तरीके से देखे तो सोशल मीडिया ने हमें जहा "ग्लोवल वर्ल्ड "का हिस्सा बना दिया है, वहीँ जानकारी के अभाव में अब लोग सोशल मीडिया पर तेजी से फेक न्यूज़ (भ्रामक खबरें )हेट न्यूज़ (नफरत फ़ैलाने वाली खबरे )और ऐसी फेक विज्ञापन ,धर्मिक भावनाओं को आहत करने वाले सन्देश या इश्वर ,अल्लाह के नाम पर डराते हुए किसी सन्देश को दूसरें तक भेजने का दबाब वाले सन्देश ,ऑनलाइन फ्राड ,ठगी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही है ऐसी चीजों का सबसे अधिक प्रभाव किशोर वर्ग पर बढ़ रहा हैं।

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ऐसी घटनाओं को देखते हुए गाँव कनेक्शन रूरल मीडिया प्लेटफार्म और फेसबुक ने एक साझा मुहीम की शुरूआत की है, जिसमे किशोर /युवा वर्ग के छात्र -छात्राओं ,ग्रामीणों को सोशल मीडिया के नकारत्मक पक्ष से बचाने और सोशल मीडिया के उपयोगी प्रयोग का प्रक्षिक्षण मनोरंजक तरीके से उत्तर प्रदेश के अलग -अलग जिलों में दिया जा रहा हैं।


कानपुर पंहुचा गाँव रथ

इस मुहीम के तहत गाँव कनेक्शन और फेसबुक का "गाँव रथ "लखनऊ के कैरियर मेडिकल कॉलेज ,कान्वेंट गर्ल्स कॉलेज ,रामेश्वरम इंटरनेशनल एकेडमी में छात्रो के साथ जागरूकता कार्यक्रम करने के बाद जनपद कानपुर के ताराचंद इंटर कॉलेज कानपुर व फूल कुवरि इंटर कॉलेज कानपुर पंहुचा जहाँ छात्रो को "ज्ञानी चाचा और भतीजा "नाटक के मंचन के माध्यम से छात्र -छात्राओं को रोचक तरीके से सोशल मीडिया फेसबुक ,व्हाट्सअप आदि के बारे में जानकारी दी गयी और लखनऊ व् कानपुर पर आधारित दो शार्ट मूवी दिखाई गयी। छात्रो-छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित प्रयोग करने के तरीके और इन्टरनेट सिक्योरिटी से जुड़े वीडियो दिखाए गये।

सामाजिक संस्था ने किया "गाँव रथ का स्वागत

कानपुर में "गाँव "रथ का स्वागत शाह्वेश संस्था के सदस्यों द्वारा किया गया,फूल कुवरि इंटर कॉलेज में संस्था के सदस्य मोबाईल चौपाल कार्यकम में शामिल हें ,संस्था के प्रतिनिधि धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने इस पहल की तारीफ़ करते हुए कानपुर में लगातार ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आग्रह किया।

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माँ -बाप से कम मोबाइल से ज्यादा सीख रहें हैं बच्चे

ताराचन्द्र इंटर कॉलेज के प्रबंधक नागेन्द्र पाण्डेय ने मोबाईल चौपाल देखने के बाद कहा की आजकल बच्चे माँ -बाप से ज्यादा समय मोबाइल को दे रहें है और माँ -बाप की जगह आजकल मोबाईल ही उनके गुरु बने हुए है। ऐसे में छात्रो को सोशल मीडिया के बारें में अधिक और अच्छी जानकारी होनी चाहिए। गाँव कनेक्शन मोबाइल चौपाल कार्यक्रम उपयोगी तो है ही साथ ही मनोरंजक भी है । ऐसे कार्यक्रम विद्यालयों में समय समय पर होते रहने चाहिये।


फूल कुवरि इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य कुमारी बरखा ने कहा कि "आज के कार्यक्रम से छात्रो को सोशल मीडिया के फायदों के बारे में और खासकर फेसबुक पर कम्युनिटी ग्रुप के बारे में जानकारी मिली हैं अच्छा कार्यक्रम है। छात्र -छात्राओं को इससे काफी कुछ नया सीखने का मौका मिला है।"

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