टोल प्लाजा पर वीआईपी लेन को लेकर योगी सरकार का यू-टर्न

टोल प्लाजा पर वीआईपी लेन को लेकर योगी सरकार का यू-टर्नमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

लखनऊ। योगी सरकार के वीआईपी कल्चर खत्म करने के फैसले की किरकिर बीते दो दिन से हो रही थी। दरअसल ऐसा इसलिए थे क्यूंकि प्रदेश सरकार ने सांसदों/विधायकों को वीआईपी बना दिया था। हाई वे पर टोल टैक्स न देने के साथ अलग टोल प्लाजा गेट बनाने का फैसला लिया। विपक्ष को मुद्दा मिला और किकिरी शुरू हो गयी। लेकिन अब इस फैसले को खारिज कर दिया गया। माननीयों के लिए टोल पर अलग लेन नहीं बनेगी।

आपको बता दें कि योगी सरकार ने शनिवार को ही एक एडवाइजरी जारी की थी जिसके तहत सांसद, मंत्री, विधायक की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में सभी विधान परिषद सदस्यों के वाहनों को टोल प्लाजा पर वीआइपी ट्रीटमेंट मिलना था, लेकिन इस मुद्दे का विपक्ष द्वारा भारी विरोध करने के बाद योगी सरकार ने इस फैसले को वापस लिया है।

एडवाइजरी में कहा गया था कि एमएलसी को टोल पर लगे जाम की सूरत में इमरजेंसी लेन का इस्तेमाल करने की छूट दी जाए जो आम तौर पर एंबुलेंस, इमरजेंसी सेवाओं, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और अति विशिष्ट लोगों को ही दी जाती है।

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टोल प्लाजा पर ज्यादातर कर्मचारी सांसद, मंत्री और विधायक को तो पहचानते हैं, लेकिन एमएलसी को नहीं जानते, ऐसे में इस एडवाइजरी में यह भी लिखा है कि एमएलसी यानी विधान परिषद् के सदस्यों को भी वही सुविधाएं मिले जो विधायकों और सांसदों को दी जाती हैं।एडवाइजरी में यह भी लिखा है कि टोल प्लाजा के कर्मचारी एमएलसी इसके साथ शिष्टाचार से पेश आएं क्योंकि एमएलसी भी उन्हीं विशेष लोगों की सूची में हैं जिसे एनएचएआई ने बता रखा है।

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