योगी इम्पैक्ट: नौ दिन में ही बदला-बदला नजर आने लगा उत्तर प्रदेश

Rishi MishraRishi Mishra   29 March 2017 10:50 AM GMT

योगी इम्पैक्ट:  नौ दिन में ही बदला-बदला नजर आने लगा उत्तर प्रदेशशास्त्री भवन में अनुभागों का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद माैर्य। 

लखनऊ। यूपी में बदलाव की बयार को आम लोग महसूस कर रहे हैं। ये क्षणिक है या लंबे समय तक होगा, वक्त बताएगा मगर फिलहाल अच्छा होता नजर आ रहा है। गोंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के दौरान हुई रैली के दौरान कहा था कि, “यहां नकल कराने के लिए भी नीलामी होती है।” उन्होंने शुरुआत गोंडा से की थी मगर बात पूरे उत्तर प्रदेश की थी। मगर अब गोंडा में नकल की सख्ती का असर ये है कि, करीब 40 हजार बोर्ड परीक्षार्थियों ने बोर्ड परीक्षा छोड़ दी है।

लखनऊ में निजी कंपनियों में काम करने वाले जो लोग सुबह 11:00 अपने दफ्तर पहुंचा करते थे, उनको अब सड़क पर कम जाम का सामना करना पड़ रहा है। अहम चौराहों पर जाम की वह परेशानी नहीं होती जो 19 मार्च से पहले हुआ करती थी। इसकी वजह ये है कि, अधिकांश सरकारी कर्मचारी अब सुबह 9:45 बजे तक अपने दफ्तरों के भीतर हो जाते हैं। इस वजह से जो भीड़ सुबह 10:30 बजे हुआ करती थी, वह 9:30 बजे के पहले ही छंटने लगी है।

हजरतगंज कोतवाली का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री।

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सामान्य काम जिनको बिना सुविधा शुल्क लिए कुछ समय पहले तक किया नहीं जाता था, वे काम अब आसानी से किये जा रहे हैं। बड़े से बड़े कांड के बावजूद जो पुलिस अफसर अपनी जगह से हिलते नहीं थे, अब मात्र पान मसाला चबाने पर ही थाना प्रभारी सस्पेंड किया जा रहा है। एलडीए ने अपने बायोमीट्रिक सिस्टम को दुरुस्त करने की शुरुआत कर दी है। पीडब्ल्यूडी के अफसर बहुत ही जल्द ही सीसीटीवी कैमरे और बायोमीट्रिक्स व्यवस्था को शुरू करने की शुरुआत करेंगे। ये चंद उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने गोमती रिवरफ्रण्ट विकास परियोजना का निरीक्षण किया।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद बड़े असर दिखाई दे रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पाठक बताते हैं कि, “कुछ दिन पहले उनका बिजली का बिल जो रीडिंग के मुकाबले 10 गुना अधिक आ गया तो वे स्थानीय लेसा आफिस गये और उनका काम आधे घंटे के भीतर ही हो गया। उनका कहना है कि अपना परिचय दिए बिना ही मैंने ये काम बताया। सहायक अभियंता ने उनका बिल आधे घंटे में ठीक करवा दिया। मुझको इस बात का यकीन ही नहीं हुआ कि आखिर ये कैसे हो गया।” जानकीपुरम में रहने वाले अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव बताते हैं कि “रोज कोर्ट जाने के लिए वे आईटी चौराहे से जाते हैं। मगर जितना जाम उनको पहले मिलता था, पिछले चार दिन से जाम काफी कम हो गया है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों की बड़ी संख्या 9:45 बजे तक दफ्तर पहुंच जाती है। जिसका ये असर साफ दिखाई दे रहा है। ”

एसिड अटैक की शिकार महिला को राहत राशि देते मुख्यमंत्री और रीता बहुगुणा जोशी।

कानून व्यवस्था में दिख रहा बदलाव

तीन दिन पहले मड़ियांव में थानेदार पुलिस स्टाफ को स्वच्छता की शपथ दिला रहे थे। उन्होंने इस दौरान पान मुंह में दबाया हुआ था। जिसकी सूचना मिलने पर एसएसपी मंजिल सैनी ने उनको निलंबित कर दिया। ट्रामा सेंटर में एसिड पीड़िता के सामने महिला सिपाहियों की सेल्फी लेते हुए फोटो वायरल होने पर तीनों सिपाही निलंबित कर दी गईं। आईजी ए सतीश गणेश ने मंगलवार को एसएसपी आफिस का निरीक्षण किया। विभिन्न आरोपों में 12 सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। 1090 चौराहे पर एक यातायात सिपाही को 100 रुपये की घूस लेने पर निलंबित करने का आदेश दिया गया। इन सारी कार्रवाई का सीधा असर प्रदेश भर में कानून व्यवस्था पर पड़ता हुआ नजर आ रहा है।

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जहां पब्लिक डीलिंग नहीं वहां भ्री उपस्थिति समय पर

पीडब्ल्यूडी एक ऐसा विभाग है जहां पब्लिक डीलिंग नहीं है। इसके बावजूद यहां भी उपस्थिति सामान्य हो गई है। पांच दिन का सप्ताह होता है, इसलिए मुख्यालय सुबह 9:30 बजे से शुरू होता है। अधिकांश कर्मचारी हर हाल में 9:30 बजे तक दफ्तर पहुंच रहे हैं। 9:40 के बाद रजिस्टर विभागाध्यक्षों के कमरों में चला जाता है। जिसके बाद अनुपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। यहां बहुत जल्द ही बायोमीट्रिक्स सिस्टम के तहत उपस्थिति दर्ज करने की तैयारी है। एलडीए की पीआरओ भावना सिंह कहती हैं कि, प्राधिकरण भी अपने बायोमीट्रिक्स सिस्टम को दुरुस्त कर रहा है। सभी अधिकारी और कर्मचारी अब 10:00 बजे दफ्तर में होते हैं। जनता की सुनवाई सह्दयता से किये जाने के निर्देश उपाध्यक्ष की ओर से दिये गये हैं।

गोंडा में नकल के खिलाफ जबरदस्त सख्ती

गोंडा के जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बोर्ड परीक्षा के आगाज में ही घोषणा कर दी थी कि नकल कराने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नकल कराने वालों को देखते ही जेल भेजने का आदेश दिया गया। इस सख्ती का परिणाम ये हुआ कि, जहां ठेके पर नकल होती थी, वहां 40 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।

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