यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: 22 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष हुए निर्विरोध

प्रदेश में 21 जिलों में भाजपा के निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष हो गए हैं। जबकि इटावा में सपा के उम्मीदवार निर्विरोध रहे। अब 53 सीटों पर तीन जुलाई को सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक वोट पड़ेंगे।

Ajay MishraAjay Mishra   29 Jun 2021 12:55 PM GMT

यूपी जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: 22 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष हुए निर्विरोध

यूपी के कन्नौज में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए नामांकन करते प्रत्याशी। फोटो: अरेंजमेंट

लखनऊ/कन्नौज। प्रदेश में तीन जुलाई को होने जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष पद के मतदान से पहले ही सूबे की करीब 30 फीसदी तस्वीर स्पष्ट हो गई है। 29 जून को नाम वापसी का दिन था, चार जिलों में प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वापस लेने के बाद अब 21 जिलों में भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। एक सपा का अध्यक्ष तय हो चुका है।

उत्तर प्रदेश में मंगलवार को सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक जिला पंचायत अध्यक्ष पद का पर्चा वापस लेने का समय था। सहारनपुर, बहराइच, शहजहांपुर व पीलीभीत में एक-एक उम्मीदवारों के मैदान से हटने के बाद भाजपा के अब उत्तर प्रदेश में 21 निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष हो गए हैं। इटावा में सपा का दबदबा कायम रहा है। अब 53 सीटों पर तीन जुलाई को सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक वोट पड़ेंगे। उसी दिन दोपहर तीन बजे के बाद मतगणना होगी। प्रदेश में 3050 जिला पंचायत सदस्य हैं। इनमें से ही 75 जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर विराजमान होंगे। 22 जिलों में निर्विरोध निर्वाचन हो गया है।

चुनाव से ही तय होगा इत्रनगरी का जिला पंचायत अध्यक्ष

पिछले बार की तरह इस बार भी कन्नौज का जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से ही तय होगा। किसी भी प्रत्याशी के पर्चा वापस न लेने की वजह से निर्विरोध निर्वाचन की उम्मीदें खत्म हो गईं। हालांकि यहां पर्चा वापस लेने के लिए भाजपा व सपा ने पहले से ही मना कर दिया था। कन्नौज के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार ने बताया कि '29 जून को नामांकन पत्र वापसी का दिन था, लेकिन निर्धारित समय दोपहर तीन बजे तक कोई भी प्रत्याशी पर्चा वापस लेने नहीं आया। अब तीन जुलाई को कलक्ट्रेट में मतदान होगा।' उन्होंने बताया कि '28 जिला पंचायत सदस्य मतदान करेंगे। दो ही प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।' सपा से उमर्दा प्रथम वार्ड 23 से जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं तो भाजपा ने बागी और पूर्व में निष्कासित छिबरामऊ पश्चिमी दक्षिणी वार्ड 16 से सदस्य प्रिया शाक्य पर दांव लगाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मिश्र ने भी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि 'नाम वापसी के दिन सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक कोई नहीं आया। इसलिए मतदान कराया जाएगा।'

इन जिलों में पर्चा वापस लेने से निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष

मंगलवार को सहारनपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष बसपा समर्थित जॉनी कुमार उर्फ जयवीर ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद से अपना पर्चा वापस ले लिया। इससे भाजपा के मांगेराम जिला पंचायत अध्यक्ष बन गए हैं। एडीएम विनोद कुमार ने बताया कि मंगलवार को सुबह जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में जॉनी कुमार उर्फ जयवीर आए और नामांकन पत्र वापस लेने को प्रार्थना पत्र दिया। बताया गया है कि नामांकन पत्र वापस लेने से अब दो दशक बाद यहां बसपा का अध्यक्ष नहीं बनेगा। पीलीभीत में भाजपा से सपा में शामिल होने वाले स्वामी प्रवक्ता नंद को पार्टी ने समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने भी अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। इससे भाजपा की उम्मीदवार डॉ. दलजीत कौर निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बन गई हैं। शहजहांपुर में दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी वीनू सिंह मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गईं। बाद में उन्होंने अपना पर्चा भी वापस ले लिया। इसे भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी संगीता यादव निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। बहराइच में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सपा से नामांकन करने वालीं नेहा अजीज ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। इससे भाजपा की प्रत्याशी मंजू सिंह का निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है।

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