जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से होती हैं भारत में 61% मौतें

Astha SinghAstha Singh   29 Nov 2017 3:22 PM GMT

जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से होती हैं भारत में 61% मौतेंप्रतीकात्मक तस्वीर 

सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देशभर में 61 फीसदी मौतें जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से होती है। इसमें सबसे अहम भूमिका प्रदूषण को माना गया है, जिसकी वजह से सबसे ज्यादा बीमारियां पैदा हो रही हैं। सीएसई की महानिदेशक सुनीता नारायण ने रिपोर्ट जारी कर बताया कि साल 2020 तक कैंसर के 17.30 लाख से अधिक मामले सामने आने लगेंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कीटनाशक से कैंसर जैसी बामारी होती है, लेकिन अब पता चला है कि मधुमेह भी इसकी एक वजह है। भारत में हर 12वां व्यक्ति मधुमेह का रोगी है। इसी तरह से वायु प्रदूषण का मानसिक स्वास्थ्य से अंतर्संबंध है। 30 फीसद असामयिक मौतें वायु प्रदूषण की वजह से होती हैं।

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सीएसई की रिपोर्ट से पता चला है कि सात सबसे बड़ी बीमारियां जीवनशैली व प्रदूषण की वजह होती हैं। भारत में हर साल 27 लाख लोगों की मौत हार्ट अटैक से होती है, जिसमें से 52 फीसद लोग 70 साल से कम के होते हैं। वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में हर तीसरा बच्चा फेफड़े की बीमारी से प्रभावित हैं। 2016 तक देश में 3.50 करोड़ अस्थमा रोगी थे।

रिपोर्ट में कहा कि अगर हमें 2030 तक टिकाऊ विकास का लक्ष्य हासिल करना है और असामयिक मौतों में एक तिहाई की कमी लानी है तो पर्यावरणीय जोखिम के कारणों पर अनिवार्य रूप से ध्यान देना और इनसे बचाव करना होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने की समयसीमा साल 2030 रखी गई है। इसी तरह से प्रदूषण से होने वाली बीमारियों का भी कई स्तर पर अध्ययन किया जाना बाकी है ताकि उनके बचाव के कदम उठाए जा सकें।

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ख़राब जीवनशैली से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा

इंडियन हार्ट एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 50 प्रतिशत हार्ट अटैक भारतीय पुरुषों में 50 साल तक की उम्र में आते हैं और 25 प्रतिशत हार्ट अटैक भारतीय पुरुषों में 40 साल तक की उम्र में आते हैं।वर्तमान में दिल की बीमारी पूरी दुनिया में एक गंभीर समस्या बनकर उभरी है। देश में ही 2016 के दौरान दिल के मरीजों की संख्या 2000 की तुलना में बढ़कर तीन गुना अधिक होने की संभावना है।

जीवनशैली में बदलाव कैंसर की वजह

कैंसर होने का मुख्य कारण जीवनशैली में बदलाव का भी होना है। आदमी एसी में बैठना पसंद करता है जो काफी नुकसानदायक होता है। इसी तरह खान-पान में बदलाव भी है। हमारा शरीर किसी भी चीज को जब ज्यादा सहन नहीं कर पाता है ,तो बीमारियां होने लगती हैं जिनमें से एक बीमारी कैंसर भी है।

आंत का कैंसर

ज्यादा रेड मीट, धूम्रपान, खानपान में फल और सब्जियों को न शामिल करना, फाइबर युक्त आहार न लेना, इस कैंसर के कारण हैं। वैसे इस कैंसर के कई कारण हैं ,लेकिन आज की अनियमित जीवनशैली और खाने की आदतें इसके होने की मुख्य वजहें हैं।

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