आस्ट्रेलिया से 30 लाख की नौकरी छोड़ बेच रहा चाय, लाखों में कमाई कर युवाओं को दे रहे रोजगार

Karan Pal SinghKaran Pal Singh   28 July 2017 11:21 AM GMT

आस्ट्रेलिया से 30 लाख की नौकरी छोड़ बेच रहा चाय, लाखों में कमाई कर युवाओं को दे रहे रोजगारचाय 34 टी शॉप पर मधुर मल्होत्रा

लखनऊ। पूरी दुनिया जानती है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाय बेचते थे। आपको जानकार हैरानी होगी कि भोपाल का रहने वाले एक शख्स ने आस्ट्रेलिया में 30 लाख पैकेज की नौकरी छोड़ दी। इन दिनों वह चाय बेच रहा है। एमपी नगर जोन-2 स्थित चाय-34 को ही उसने अपनी पहचान बना ली।

आस्ट्रेलिया में पढ़ाई के बाद 30 लाख का पैकेज छोड़ा

भोपाल के रहने वाले मधुर मल्होत्रा पेशे से आईटी प्रोफेशनल हैं। उन्होने अपनी मास्टर्स की पढ़ाई ऑस्ट्रेलिया से की। मधुर बताते हैं कि, आस्ट्रेलिया में मेरा सालाना पैकेज 30 लाख रुपए था, लेकिन मन बड़ा अशांत सा रहता था। एक दिन पता चला कि मां की तबीयत बहुत खराब है और उनके हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। उसी दिन मैंने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया था और अगले दिन भोपाल लौट आया। यहां परिवार का साथ और अपने शहर की खूबसूरती देख वापस लौटने का मन नहीं किया।

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ऐसे की शुरुआत

मां की बीमारी उनको ऑस्ट्रेलिया से भारत ले आई। भोपाल में पिता का रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन से जुड़ा कारोबार था, लेकिन उनका दिल तो कुछ और ही काम करने को मचल रहा था। वो कुछ ऐसा काम करना चाहते थे जो ना सिर्फ खुद को सुकून दे बल्कि समाज भी उसका फायदा उठाये। इसलिये उन्होने तय किया कि वो चाय से जुड़ा कारोबार करेंगे और भटके युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करेंगे। इसके बाद उन्होने भोपाल में ‘चाय 34’ नाम से एक टी-कैफे खोला।

दोस्तों के साथ बात करते समय आया आइडिया

ऑस्ट्रेलिया से लौटकर आने के बाद मधुर ने अपने परिवार का रियल इस्टेट का बिजनेस संभाला। मधुर ने शहर के सबसे खूबसूरत शौर्य स्मारक के प्रोजेक्ट में भी काफी काम किया है। लेकिन, उनका दिल कुछ और ही करने का था। मधुर बताते हैं, एक दिन दोस्तों के साथ बैठकर बात कर रहा था और चाय-34 का ख्याल आया। बस, इसे साकार रूप दे दिया।

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साल 2009 में वापस लौट आए थे मधुर

मधुर ने बताया कि, 2009 में जब मैं आस्ट्रेलिया से नौकरी छोड़कर वापस भोपाल आया तो मेरे पास कई बड़ी-बड़ी कंपनियों के जॉब ऑफर थे। लेकिन, मैंने खुद का बिजनेस शुरू करने का मन लिया था। मैंने चाय की दुकान खोलने का प्लान जब फैमिली के साथ शेयर किया, तो सभी ने इसका विरोध किया। फैमिली को मनाते-मनाते आखिरकार साल 2011-12 में मैंने चाय-34 नाम से एक शॉप ओपन कर ली। आज लगभग पांच साल बाद मैं अपने उस निर्णय को लेकर काफी खुश हूं।

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एक घंटे में खत्म हो जाता है 50 लीटर का स्टोरेज

मधुर बताते हैं कि, कुछ अलग करने के लिहाज से ही हमने यहां चाय के लगभग 20 फ्लेवर्स रखे हैं। इनमें हमारे पास 50 लीटर का स्टोरेज है, जो एक ही घंटे में खत्म हो जाता है। इनमें तुलसी-इलाइची, तुलसी-अदरक, मसाला चाय जैसे देसी वैराइटीज के अलावा लेमन-हनी, लेमन-तुलसी और रॉ टी फ्लेवर्स भी शामिल हैं।

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22 तरह की मिलती है चाय

मधुर बताते हैं कि भारत में काफी ज्यादा चाय पी जाती है, लेकिन इसकी यहां पर बहुत कम किस्में उपलब्ध हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने अपने यहां पर 22 अलग-अलग तरह की चाय पेश की है। इस चाय को बनाने में जो भी मसाले इस्तेमाल होते हैं वो सब अमेरिका से मंगवाते हैं, ताकि ग्राहकों को बेहतरीन चाय मिल सके।

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यूथ का अड्डा बन गया है चाय-34

यहां किसी भी वक्त आप यूथ का जमावड़ा देख सकते हैं। चाय के टेस्टी फ्लेवर के साथ ही यह जगह यूथ के लिए स्ट्रेस बस्टर का भी काम करती है। चाय 34 को स्वाद ही नहीं बल्कि सर्विंग स्टाइल भी इस खास बनाता है। यहां पर चाय कुल्हड़ में सर्व की जाती है, जिससे चाय का स्वाद दोगुना हो जाता है। इससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता।

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