सुदर्शन चक्र धारी मोहन से लेकर चरखाधारी मोहन तक हमारी सांस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत : मोदी

सुदर्शन चक्र धारी मोहन से लेकर चरखाधारी मोहन तक हमारी सांस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत : मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

नई दिल्ली। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 7.28 बजे तिरंगा फहराया राष्ट्रगान गाया गया। मोदी आज लाल किले से चौथी बार देश को संबोधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नें आजादी के पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उन्होंने कहा कि आज पूरा देश आजादी के पर्व के साथ जन्माष्टमी का पर्व भी मना रहा है। मेरे सामने बाल कन्हैया भी बैठे हैं। सुदर्शन चक्र धारी मोहन से लेकर चरखाधारी मोहन तक हमारी सांस्कृतिक ऐतिहासिक विरासत के हम सभी धनी हैं।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की आजादी के लिए जिन-जिन लोगों ने अपना योगदान दिया है, यातनाएं झेली हैं, बलिदान दिया है त्याग और तपस्या की परिकाष्ठा की है ऐसे सभी महानुभावों और माता-बहनों को लाल किले की प्राचीर से, 125 करोड़ भारतीयों की तरफ से शत-शत नमन। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं कभी-कभी बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है, अच्छी वर्षा देश को फलने-फूलने में बहुत योगदान देती हैं, लेकिन कभी इन आपदाओं से संकट भी पैदा होता है। पिछले दिनों अस्पताल में मासूम बच्चों की मौत हुई, इस संकट की घड़ी में सभी देशवासी एक साथ हैं। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि ऐसे संकट के समय पूर्ण संवेदनाओं के साथ हम जनसुरक्षा के साथ कुछ भी करने में कमी नहीं रहने देंगे।

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पीएम मोदी बोले कि पिछले सप्ताह ही क्विट इंडिया मूवमेंट के 75 साल पूरे किए, ये वर्ष साबरमती आश्रम की शताब्दी का वर्ष है, ये वर्ष लोकमान्य तिलक के जज्बे का 125 वां वर्ष है। हम आजादी का 70वां वर्ष और 2022 में आजादी के 75 साल, 1942 से 1947 से देश ने सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन किया अंग्रेजों को भारत छोड़ कर जाना पड़ा। मोदी ने कहा कि हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता से ही 2022 में भारत का सपना न्यू इंडिया पूरा हो पाएगा।

लाल किले से पीएम मोदी बोले कि हम जानते हैं कि सामूहिकता की शक्ति क्या होती है, भगवान कृष्ण ने सामूहिक शक्ति से गोवर्धन पर्वत उठाया, जब प्रभु राम को लंका जाना था तब सामूहिकता से ही सेतु बनाकर लंका पहुंच गए, महात्मा गांधी ने सामूहिक ताकत से देश को आजाद करवाया। उन्होंने कहा कि 125 करोड़ देशवासियों में हर कोई बराबर है, कोई भी छोटा-बड़ा नहीं है।

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मोदी बोले कि न्यू इंडिया जो सुरक्षित हो, समृद्ध हो, शक्तिशाली हो। जहां सभी को समान अवसर मिलें, जहां आधुनिक विज्ञान का दबदबा हो। स्वतंत्रता संग्राम हमारी भावनाओं से जुड़ा है, आजादी के दौरान हर कोई देश की सेवा कर रहा था। परिवार में हर प्रकार के व्यजंन बनते हैं, जब वे व्यजंन भगवान के सामने जाते हैं तो प्रसाद बन जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी को उस बात को लेकर आगे चलना चाहिए कि आने वाले 2018 की 1 जनवरी सामान्य नहीं होगी। 21वीं शताब्दी में जन्मे नौजवानों के लिए यह वर्ष काफी महत्वपूर्ण वर्ष है। अब युवा 18 साल के हो गए हैं, जो कि देश को आगे बढ़ाएंगे।

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मेरे प्यारे देशवासियों, जब कुरुक्षेत्र में अर्जुन से श्रीकृष्ण से सवाल पूछे थे। तब कृष्ण ने कहा था कि जैसा मन का भाव होता है वैसा ही परिणाम होता है। अगर मन का विश्वास पक्का होगा, तो हम उज्जवल भारत बना पाएंगे। हम पहले निराशा से पले-बढ़े हैं, अब हमें इसे छोड़ना होगा। चलता है का जमाना चला गया है, अब आवाज उठती है कि बदल रहा है, बदल सकता है यही विश्वास सभी देशवासियों में होना चाहिए।

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