एग्री हॉर्टी टेक मेले में किसानों के लिए क्या खास रहा तस्वीरों में देखें

एग्री हॉर्टी टेक मेले में किसानों के लिए क्या खास रहा तस्वीरों में देखेंपांचवां अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का आयोजन                            सभी फोटो- विनय मोदी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार एवं पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री की तरफ से लखनऊ आशियाना स्थित स्मृति उपवन में पांचवां अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एग्री हॉर्टी टेक मेले का आयोजन किया गया।

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सोनालिका कंपनी द्वारा बनाया गया 20 हार्स पावर का ये ट्रैक्टर बागवानी से जुड़े सभी तरह के कार्य करता है। इसमें रोटावेटर, कल्टीवेटर जैसे कई उपकरण लग सकते हैं। ट्रॅाली बेस पर एक घंटे में एक से सवा लीटर तेल की खपत होती है वहीं रोटावेटर लगाने पर सवा दो लीटर तक की तेल की खपत होती है।

तीन दिवसीय सम्मेलन में बिहार के राज्यमंत्री डॉ. प्रेम कुमार बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। सम्मेलन में कृषि की आधुनिक तकनीक और मशीनों की जानकारी पाने के लिए देश भर के किसान मौजूद रहे। कृषि मेले में किसानों को जापान, अमेरिका, इटली समेत कई देशों की बड़ी कम्पनियां भी अपने उत्पादों की जानकारी देने के लिए आईं हैं।

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कृषि सम्मेलन में पीला कद्दू, पत्तागोभी की कई किस्में, शिमला मर्च, बीन्स, खीरा, मशरुम की हाईबीड किस्में देखने को मिली।
रोबोट के जरिए अब आधुनिक तरीके से खेती की जा सकती है। यह रोबोट खेत के ऊपर उड़कर पानी, खाद,दवाई,यूरिया की कमी को बताते है और जहां-जहां जिस चीज़ की कमी होती है। ये उस कमी को पूरा करते है।
खेती में प्रयोग होने वाली मशीनों के साथ-साथ कई कंपनियों ने इस ई-रिक्शा में बनाए।
ज्यादातर किसान पराली को जला देते है। यह मशीन पराली को जड़ से निकालकर भूसा बनाती है। इस म्रशीन की कीमत दो लाख रुपए है।
आजकल छत पर बागबानी करने का चलन बढ़ रहा है। अगर आपके पास छत में जगह खाली तो आप भी मौसमी सब्जियों को उगा सकते है। बागबानी विभाग द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
नीबू, चीकू, अमरुद समेत कई ऐसे फल जिनको बोनसाई तकनीक से उगाया जा सकता है। इसके बारे में किसानों को मिली जानकारी।
प्याज को भड़ारण करने में प्याज सड़ जाता है, जिससे किसानों को बहुत नुकसान है। राष्ट्रीय बागबानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान ने प्याज को भड़ारण करने के लिए हवादार प्याज भड़ारण गृह का मॉडल बनाया है।
बिना जानकारी अपनी मर्जी से किसानों पशुओं को चारा दाना खिला देते है। पशुओं को कितनी मात्रा में आहार दिया जाए और उनके आहार में क्या क्या जरुरी है इसके लिए किसानों को जानकारी देते दयाल फीड कंपनी के सेल्स मैनेजर।
खेती में प्रयोग होने वाली जैविक दवाओं की जानकारी लेते किसान।
जापान, अमेरिका, इटली समेत कई देशों की बड़ी कम्पनियां शामिल।
देश में चल रही योजनाओं के बारे में किसानों ने जाना।
दूध निकालने की मशीन।

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