कांग्रेस का चुनावी वादा: मछुआरों और मत्स्य उद्योग के लिए बनेगा राष्ट्रीय आयोग

कांग्रेस का चुनावी वादा: मछुआरों और मत्स्य उद्योग के लिए बनेगा राष्ट्रीय आयोग

लखनऊ। लोकसभा चुनाव (Loksabha election 2019) से पहले कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र में कांग्रेस ने जहां कृषि, किसान और कृषि श्रमिक का अहमियत दी है वहीं कि मछुआरों और मत्स्य उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय आयोग बनाने की बात भी कही गई है।

भारत में मत्स्य पालन तेजी से बढ़ रहा है। पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य मंत्रालय भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार मात्सियकी से 14.5 मिलियन व्यक्तियों को आजीविका मिलती है। इसके साथ ही 1.1 मिलियन से अधिक किसान जल कृषि के माध्यम से लाभ उठाते हैं।



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मत्स्य पालन उद्योग और मछुआरे

1. 140 लाख से अधिक भारतीय प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आजीविका के लिए मत्स्य उद्योग पर निर्भर है। कांग्रेस मत्स्य उद्योग को तेजी से विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है ।

2. कांग्रेस मत्स्य उद्योग और मछुआरों के कल्याण के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन करेगी।

3. हम मछुआरों और मत्स्य उद्योग के लिए एक राष्ट्रीय आयोग की स्थापना करेंगे। यह आयोग मत्स्य उद्योग में ऋण की उपलब्धता के साथ-साथ इस उद्योग मे फैली ऋणग्रस्तता के मुद्दे का हल ढूंढेगा।

4. कांग्रेस देश के अन्दर मछली पकड़ने और मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा देगी और कृषि तथा कृषकों को दिये जा रहे लाभों को प्रदान करेगी।

5. कांग्रेस श्रीलंका और पाकिस्तान के साथ एक स्थाई तंत्र की स्थापना करेगी जिसका उद्देश्य होगा। समुद्र में होने वाले संघर्ष, हिंसा, जबरन कार्यवाही और जानमाल के नुकसान को खत्म करना और मछुआरों की आजीविका के अवसरों में सुधार करना।

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