मछली पालन के लिए मिलता है 75 फीसदी तक अनुदान, ऐसे उठाएं डास्प योजना का फायदा

मछली पालन के लिए मिलता है 75 फीसदी तक अनुदान, ऐसे उठाएं डास्प योजना का फायदाभारत सरकार द्वारा कृषि विविधीकरण परियोजना (डास्प) चलाई जा रही है।

लखनऊ। अगर आप मछली पालन करना चाहते हैं और नया तालाब बनाना चाहते हैं तो खर्च से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नीली क्रांति योजना के जरिए मछली पालकों को तालाब बनाने के अनुदान के साथ ही मछली पालन का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

भारत सरकार द्वारा कृषि विविधीकरण परियोजना (डास्प) चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत किसान तालाब निर्माण और उसका सुधारीकरण करा सकते हैं। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार अनुदान देती है।

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मछली पालन शुरु करने के बारे में झांसी के मत्स्य विभाग उपनिदेशक डॉ. अरविंद मिश्रा बताते हैं, "मछली पालक 0.2 हेक्टेयर के तालाब मछली पालन की शुरुआत कर सकते हैं। इससे जो मछली पैदावार होगी वो अर्थिक रूप से ठीक होंगी। इससे कम में अगर करते हैं तो वो व्यवसाय नहीं के रुप में नहीं होता है। 0.2 हेक्टेयर का तालाब बनाने में करीब 70 से 80 हजार रुपए का खर्चा आता है।"

मछली पालन में मुख्य रूप से छह तरह की मछलियां पाली जाती हैं। इनमें भारतीय मेजर कार्प में रोहू, कतला, मृगल (नैन) और विदेशी मेजर कार्प में सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प तथा कामन कार्प मुख्य है। मछली पालन के बीज के लिए जिले के मत्स्य पालक विकास अभिकरण से सम्पर्क किया जा सकता है।

मछली पालकों को तालाब बनाने के अनुदान के साथ ही मछली पालन का प्रशिक्षण।

नीली क्रांति मिशन के अंतर्गत तालाबों के बनवाने पर सरकार की सब्सिडी भी है। एक हेक्टेयर तालाब बनाने के लिए उसकी यूनिट कास्ट करीब पांच लाख रुपए आती है, जिसके 50 फीसदी केंद्र सरकार 25 फीसदी राज्य सरकार अनुदान देती है बाकी का 25 फीसदी मछली पालक को देना होता है। अगर तालाब पहले से बना है और उसका सुधार कराना है तो भी केंद्र और राज्य सरकार अनुदान देती है। उसमें 25 फीसदी मछली पालक को देना होता है। इसकी कास्ट नौ लाख रुपए की आती है।

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तालाब निर्माण पहले सावधानियों के बारे में डॉ. मिश्रा बताते हैं, "कभी-कभी तालाब कंकरीली और पथरीली ज़मीन पर बन जाता है। तो उसमें पानी बहुत तेजी से नीचे जाता है वो अच्छा नहीं होता है। मछली पालन तालाब के लिए चिकनी दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। चारों तरफ से ऐसा बना हो जिसमें बरसात का पानी आसानी से निकल पाए। अगर कोई मछली पालक तालाब की शुरुआत कर रहा है तो अपने जिले के मत्स्य अधिकारी से जरुर संपर्क ताकि इससे तालाब बनाने के लिए और भी जानकारी मिल सकती है। तालाब बनवाने के लिए सबसे जरुरी है कि मिट्टी की जांच कराएं।''

डॉ. अरविंद आगे बताते हैं, "एक हेक्टेयर तालाब में 10-15 हजार बीज जो 25-35 मिलीलीटर के हो उसको डालना चाहिए। नीली क्रांति मिशन के अंदर मिशन फिंगर लिंक (अंगुलिका) शुरु किया। अंगुलिका मतलब उंगली के बराबर मछली तालाबों में डालनी चाहिए उससे उत्पादकता काफी अच्छी हो जाती है।" उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग के विभागीय आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में केवल नौ हैचरियां चल रही हैं। इसके अलावा 40 विभागीय मत्स्य प्रक्षेत्र हैं। जहां से किसान मछली के बीज ले सकता है। प्रदेश में 227 हैचरियां जहां से किसान बीज ले सकता है।

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मछलियों को आहार देने के बारे में डॉ. मिश्रा बताते हैं, "मछलियों के दो तरह का आहार महत्वपूर्ण है। कुदरती आहार और पूरक आहार। कुदरती आहार जो तालाब में ही पैदा होता है उसके लिए उनको तालाब में गोबर का प्रयोग करना चाहिए और रासायानिक खादों का प्रयोग करना चाहिए। एक हेक्टेयर के तालाब में एक महीने एक टन गोबर किनारे-किनारे डालना चाहिए। जिससे सूक्ष्म जीव जो मछलियां खाती है। रासायनिक खाद का इस्तेमाल जिसमें नाइट्रोजन फास्फोरस पोटेशियम रहता है। इसके लिए मिट्टी की जांच बहुत जरुरी है इससे पता लग पाएगा।"

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कार्यालय का पता

  • लखनऊ गोमती मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, लखनऊ-सुल्तानपुर रोड पर 18 कि०मी० (इन्दिरा नहर की बांई पट्टी) खुरदही लखनऊ।
  • 0522-2816185
  • फैजाबाद : सरयू मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, फैजाबाद-सुल्तानपुर रोड पर 12 कि०मी० मसौदा, फैजाबाद।
  • 05278-2540018
  • बस्ती : राप्ती मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, बस्ती- बांसी रोड पर 12 कि०मी० पड़िया चौराह, पड़िया बस्ती।
  • गोरखपुर: गोरखपुर मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, नौसढ़ खजनी रोड पर 7 किमी तालनेवर छपिया, गोरखपुर। 0551-2323380
  • सुल्तानपुर: अमेठी मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, दुर्गापुर-अमेठी रोड पर 6 किमी पीपरपुर, सुल्तानपुर। 05368-277104
  • इलाहाबाद: त्रिवेणी मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, इलाहाबाद-मिर्जापुर रोड पर 40 किमी मेजा रोड स्टेशन के पास, इलाहाबाद। 05334-222358
  • जालौन: कोंच मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, उरई से कोंच कस्बा रोड पर 30 किमी कोंच, जालौन। 05868-252374
  • सीतापुर : शारदा मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, महमूदाबाद से लखपेड़ा रोड पर 6 किमी महमूदाबाद सीतापुर। 05868-252374
  • शाहजहांपुर: खुटार मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, शाहजहांपुर से खुटार पीलीभीत रोड पर 60 किमी खुटार, शाहजहांपुर। 05844-262812
  • मेरठ: परीक्षितगढ़ मत्स्य बीज उत्पादन केन्द्र, किला परीक्षितगढ़ से मवाना रोड पर 1.2 किमी परीक्षितगढ़, मेरठ। 01233263633

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