योगी सरकार किसानों से खरीदेगी 50 लाख टन धान

योगी सरकार किसानों से खरीदेगी 50 लाख टन धानधान उत्पादन का लक्ष्य 151.30 लाख मीट्रिक टन रखा गया (फोटो: गांव कनेक्शन)

लखनऊ। खरीफ की मुख्य फसल धान की पैदावार बढ़ाने के लिए और चावल उत्पादन में प्रदेश को नंबर वन बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इस साल खरीफ उत्पादन 2017 में फसलोत्पादन की रणनीति बनाई है। इसमें प्रदेश में 59.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान खेती और इससे 151.30 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

धान उत्पादक किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिले और उनकी उपज का सही दाम इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार खरीफ विपणन वर्ष-2017-18 में किसानों से 50 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

किसानों से धान खरीदने के लिए पूरे प्रदेश में 3500 क्रय केन्द्र खोलकर किसानों से सीधे धान खरीदा जाएगा, जिसके लिए 31 जुलाई से पहले सभी क्रय केंद्र की स्थापना कर दी जाएगी। इस बारे में जानकारी देते हुए प्रदेश के खाद्य व रसद राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने बताया, ‘प्रदेश में धान क्रय नीति तैयार कर ली गई है। प्रदेश सरकार गेहूं की तरह इस साल धान की खरीद भी किसानों से सीधे खरीदकर उनको उचित लाभ देगी।’

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उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन-2017-18 में धान क्रय की नीति में उत्तर प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन और किसानों की भी सलाह ली गई है। धान क्रय केन्द्रों पर किसानों को सारी सुविधाएं मिले इसका भी इंतजाम किया जा रहा है। मानूसन की अच्छी बारिश को देखते हुए इस साल प्रदेश में रिकॉर्ड धान पैदा होने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश राइस मिल एसोसिएशन ने खाद्य व रसद विभाग से मांग की है कि धान क्रय केन्द्रों पर धान खरीदने की अवधि 31 मार्च तक करने के साथ ही धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी बढ़ोत्तरी की जाए। सरकार इस मांग पर अभी विचार कर रही है।

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उत्तर प्रदेश में पिछली अखिलेश यादव सरकार ने भी खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में 50 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था जिसमें सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1470 रुपए प्रति कुंतल और ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 1510 रुपए प्रति कुंतल निर्धारित किया था। हालांकि राज्य व केन्द्र सरकार की एजेंसियां धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाई थी, जिसको लेकर सरकार की आलोचना हुई थी।

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