ICC Champions Trophy 2017: आईसीसी को क्यों बदलना पड़ा ये नियम, कब हैं भारत के मैच, पढ़ें पूरी खबर

ICC Champions Trophy 2017: आईसीसी को क्यों बदलना पड़ा ये नियम, कब हैं भारत के मैच, पढ़ें पूरी खबरइस बार वेस्टइंडीज की टीम टूर्नामेंट से बाहर है।

लखनऊ। 1 जून से शुरू होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017 का पूर्ण कार्यक्रम यहां पढ़ सकते हैं। इस बार भारत और पाकिस्तान की टीमों को एक ही ग्रुप में शामिल किया गया है। भारत आैर पाकिस्तान में बीच पहला मैच 4 जून को खेला जाएगा। 1 जून से 18 जून के बीच खेला जाएगा। इस बार के इस टूर्नामेंट में कुछ नियम भी बदले गए हैं। नजर डालते कार्यक्रम की रूपरेखा आैर बदले गए नियम पर-

पूरे कार्यक्रम का विवरण

  • ग्रुप A: ऑस्ट्रेलिया, बांग्लदेश, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड
  • ग्रुप B: भारत, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका
  • जून 1 (गुरुवार) - इंग्लैंड Vs बांग्लदेश (दि ओवल)
  • जून 2 (शुक्रवार) - ऑस्ट्रेलिया Vs न्यूजीलैंड (एजबेस्टन)
  • जून 3 (शनिवार) - श्रीलंका Vs दक्षिण अफ्रीका (दि ओवल)
  • जून 4 (रविवार) - भारत Vs पाकिस्तान (एजबेस्टन)
  • जून 5 (सोमवार) - ऑस्ट्रेलिया Vs बांग्लदेश (दि ओवल)-डे/नाइट
  • जून 6 (मंगलवार) - न्यूजीलैंड Vs इंग्लैंड (कार्डिफ)
  • जून 7 (बुधवार) - पाकिस्तान Vs दक्षिण अफ्रीका (एजबेस्टन) डे/नाइट
  • जून 8 (गुरुवार) - भारत Vs श्रीलंका (दि ओवल)
  • जून 9 (शुक्रवार) - न्यूजीलैंड Vs बांग्लदेश (कार्डिफ)
  • जून 10 (शनिवार) - इंग्लैंड Vs ऑस्ट्रेलिया (एजबेस्टन)
  • जून 11 (रविवार) - भारत Vs दक्षिण अफ्रीका (दि ओवल)
  • जून 12 (सोमवार) - श्रीलंका Vs पाकिस्तान (कार्डिफ)
  • जून 13 (मंगलवार) - रेस्ट डे
  • जून 14 (बुधवार) - पहला सेमीफाइनल (A1 Vs B2) (कार्डिफ)
  • जून 15 (गुरुवार) - दूसरा सेमीफाइनल (A2 Vs B1) (एजबेस्टन)
  • जून 16, 17 - रेस्ट डे जून
  • 18 (रविवार) - फाइनल (दि ओवल)
  • जून 19 (सोमवार) - फाइनल के लिए रिजर्व डे

ये भी पढ़ें- 79 साल बाद जागा द्रविड़नाडु का जिन्न, पढ़िए क्यों भारत के इन 4 राज्यों में उठी अलग देश की मांग

2013 में खेले गए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी पर भारत ने कब्जा किया था।

पिछले चैंपियन

  1. 1998 में दक्षिण अफ्रीका, दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज
  2. 2000 में न्यूजीलैंड, दूसरे स्थान पर भारत
  3. 2002 में भारत और श्रीलंका सामूहिक रूप से विजेता बने
  4. 2004 में वेस्टइंडीज, दूसरे स्थान पर इंग्लैंड
  5. 2006 में ऑस्ट्रेलिया, दूसरे स्थान पर वेस्ट इंडीज
  6. 2009 में ऑस्ट्रेलिया, दूसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका
  7. 2013 में भारत, दूसरे स्थान पर इंग्लैंड

पहली बार होगा सुपर ओवर का इस्तेमाल

अब आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के सेमी-फाइनल और फाइनल अगर टाई हो जाते हैं तो सुपर का इस्तेमाल होगा। इससे पहले आईसीसी के किसी भी एकदिवसीय नॉक आउट टूर्नामेंट में सिर्फ फाइनल मैच टाई होने पर सुपर ओवर का इस्तेमाल हुआ करता था।

ये भी पढ़ें- जानिए कब आएंगे यूपी बोर्ड 2017 के परिणाम, इस वेबसाइट पर सबसे पहले घोषित होगा रिजल्ट

यह पहली बार होगा जब एक दिवसीय नॉक आउट टूर्नामेंट में सेमी-फाइनल मैच टाई होने पर सुपर ओवर का इस्तेमाल होगा। इससे पहले जब भी क्वॉर्टर फाइनल या फिर सेमी-फाइनल मैच टाई होता था तब वही टीम सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंचती थी जो ग्रुप स्टेज में अच्छा प्रदर्शन करती थी। 1999 में इंग्लैंड में हुए आईसीसी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच के दौरान ऐसा एक किस्सा देखने को मिला था जब साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया दूसरा सेमी-फाइनल मैच टाई हो गया था लेकिन सुपर सिक्स में अच्छे प्रदर्शन की वजह से ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंच गया था।

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली।

इस वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका ने आठ मैच खेलते हुए छह मैच में जीत हासिल की थी लेकिन सुपर सिक्स के एक मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। इसकी वजह से सेमीफाइनल मैच टाई होने के बाद ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंचा था। इस मैच के आखिरी ओवर को जीतने के लिए साउथ अफ्रीका को 9 रन की जरूरत थी और हाथ में सिर्फ एक विकेट था। पहली दो गेंद पर लांस क्लूज़नर ने शानदार दो चौके लगाए और आखिरी चार गेंद में सिर्फ एक रन की जरूरत थी लेकिन चौथे गेंद पर ए डोनाल्ड रन आउट हो गए और इस तरह मैच टाई हो गया था।

ये भी पढ़ें- बोर्ड एग्जाम में नंबर कम आए तो बच्चों को डांटे नहीं, इनकी कहानियां सुनाएं, सफलता कदम चूमेगी

सिर्फ चैंपियंस ट्रॉफी ही नहीं, 2017 में इंग्लैंड में होने वाले महिला वर्ल्ड कप के फाइनल और सेमीफाइनल में भी मैच टाई होने पर सुपर ओवर का इस्तेमाल होगा। चैंपियंस ट्रॉफी और महिला वर्ल्ड कप के हर मैच में डीआरएस (DRS) का भी इस्तेमाल होगा जिसमें हर टीम को मैच के दौरान एक बार रिव्यु करने का मौक़ा मिलेगा। आईसीसी के मीडिया प्रकाशन में बताया गया कि अक्टूबर 2017 के बाद सभी अंतराष्ट्रीय मैचों में डीआरएस का इस्तेमाल होगा लेकिन इस के लिए जून 2017 की बैठक में पूरी तरह फैसला लिया जाएगा।

Share it
Top