उन्नाव: चौदह हजार किसानों पर 75 करोड़ का कर्जा

उन्नाव: चौदह हजार किसानों पर 75 करोड़ का कर्जाप्रतीकात्मक तस्वीर।

नवनीत अवस्थी,कम्युनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। तीसरे चरण में आधारकार्ड से लिंक पाए गए 10 हजार से अधिक किसानों को ऋणमाफी प्रमाणपत्र देने की तारीख तय कर दी गई है। इन किसानों को 23 अक्टूबर से ऋणमाफी प्रमाणपत्र वितरण का काम शुरू होगा।

भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान सूबे में सरकार बनने पर किसानों का फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। मार्च में जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो घोषणा को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू की थी। योजना में केवल दो हेक्टेयर तक की भूमि वाले किसानों को लाभांवित किए जाने की बात कही गई है। जुलाई माह के पहले पखवारे में पेश किए गए बजट में योगी सरकार ने कर्जमाफी के लिए धनराशि की भी व्यवस्था कर दी थी। इसके बाद बैंकों को कर्जमाफी के दायरे में आने वाले किसानों की सूची तैयार करने को आदेशित किया गया।

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पहले चरण में 20132 और दूसरे चरण में 22 हजार से अधिक किसानों को ऋणमाफी प्रमाणपत्रों का वितरण किया जा चुका है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद अब प्रशासन ने तीसरे चरण के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। तीसरे चरण में लगभग 14000 किसानों की सूची तैयार की गई है। इन पर 75 करोड़ रुपए का कर्ज है। इन किसानों को 23 अक्टूबर से ऋणमाफी प्रमाणपत्र का वितरण शुरू कराया जाएगा। इसके लिए सभी तहसीलों में कैंप लगाए जाएंगे।

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तीसरे चरण में आधारकार्ड से लिंक लगभग 14 हजार किसानों छांटे गए हैं। कर्जमाफी का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिया जाएगा। 23 अक्टूबर से इन किसानों को ऋणमाफी प्रमाणपत्र का वितरण शुरू कराया जाएगा।
एचपी शाहा, मैनेजर अग्रणी लीड बैंक, उन्नाव

आठ हजार खातों का पुन: होगा सत्यापन

कर्जमाफी के तीसरे चरण में चयनित खातों में आठ हजार का पुन: सत्यापन कराया जाएगा। इसके अलावा चार हजार खातों में शपथपत्र नहीं मिला है। इसी कारण इनको फिर से संबंधित तहसीलों में भेजा जा रहा है। शपथपत्र लगने के बाद ही इन खातों को योजना में शामिल किया जाएगा।

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