वो दिन दूर नहीं जब ब्रज मंडल बन जाएगा दूसरा बुंदेलखंड

वो दिन दूर नहीं जब ब्रज मंडल बन जाएगा दूसरा बुंदेलखंडकम बारिश की वजह से सूखा पड़ा तालाब

ब्रज मंडल में भूगर्भ जलस्तर तेजी से नीचे जा चुका है। अगर वाटर रिचार्जिंग के बेहतर इंतजाम नहीं किए गए तो वो दिन दूर नहीं की आगरा मंडल सूखे के कारण दूसरा बुंदेलखंड के नाम से जाना जाएगा। मंडल के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी जिलों में भूमिगत जल का लगातार गिरता जलस्तर आने वाले समय में एक बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सर्वाधिक पेयजल समस्या ग्रस्त 12 जिलों की सूची में आगरा और फिरोजाबाद को शामिल किया जा चुका है। समूचा आगरा डार्क जोन में तब्दील हो रहा है। जिले के 15 ब्लॉक में 12 ब्लॉक डार्क जोन घोषित हो चुके हैं। जहां भूजल 300 फीट गहराई पर भी नहीं मिल रहा। किसानों को खेती के लिए पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। जहां किसान ट्यूबवेल से खेत की सिंचाई करते थे वहीं अब वाटर लेवल नीचे होने के कारण ट्यूबवेल भी बेकार हो गए हैं।

आगरा के खंदौली के निवासी किसान कृष्णपाल बघेल (59 वर्ष) बताते हैं, "हमारा ब्लॉक जोन घोषित कर दिया गया है। जमीन के नीचे पानी ही नहीं है। ट्यूबवेल बेकार हो गए हैं जिन्हें हम खेत से उठा कर घर पर रख दिए हैं। खेती तो अब न हो पा रही है। खेती में जो भी फसल लगाते हैं उसकी लागत तक न निकल रही है। पानी ही नहीं है तो खेती क्या होगी।"

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आगरा में लगातार तीन साल से सूखे जैसे हालात हैं। 2013-14 और 2014-15 और 2015-16 में कमजोर मानसून के कारण आगरा सूखा प्रभावित जिलों में शामिल रहा। आगरा के 15 ब्लॉक में 10 ब्लॉक अतिदोहित, एक ब्लॉक क्रिटिकल और एक ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन में शामिल है।

भूगर्भ जल विभाग के टेक्निकल असिस्टेंट दिनेश चंद्र जैसवाल बताते हैं, "पिछले कई वर्षों से बारिश सही नहीं हुई है जिस वजह से तेजी से जलस्तर घट गया है। अगर ऐसा ही रहा तो पूरा जिला डार्कजोन में आ जाएगा। आगरा के 15 ब्लॉक में 12 ब्लॉक डार्क जोन में है। तालाबों के माध्यम से जलस्तर को बढ़ाने के लिए चेकडैम बनाने के लिए राज्य सरकार, लघु सिंचाई विभाग, सिंचाई विभाग, ग्राम विकास विभाग जल स्तर को बढ़ाने का कार्य करते हैं।"

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लघु सिंचाई विभाग आगरा के कनिष्क सहायक निरंजन सिंह बताते हैं, "जिले के डार्क जोन क्षेत्र में नदी और नालों पर 45 चेकडैम बनवाए गए है इसके साथ ही पांच तालाब बनवाने हैं जिसमें तीन बन चुके हैं और दो बन रहे है। अक्षनेरा, जगनेर, अकोला, एतमादपुर और खंदौली ब्लॉक में परिणाम अच्छा आ रहा है। इन ब्लॉकों में पानी के स्तर में सुधार आ रहा है।"

प्रदेश के सर्वाधिक पेयजल संकट ग्रस्त जिलों की सूची में फिरोजाबाद भी शामिल है। भूगर्भ विज्ञानियों की मानें, तो फिरोजाबाद में 2020 के बाद पानी की खतरनाक स्थिति पैदा होगी।

जल निगम (आगरा परिक्षेत्र) के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गर्ग बताते हैं, “ आगरा में बुंदेलखंड की तर्ज पर पेयजल योजनाएं बनाई जा रही है। आगरा-फिरोजाबाद को प्रदेश में पानी की सर्वाधिक समस्या ग्रस्त जिलों में शामिल किया जा चुका है। आगरा मंडल में तेजी से गिरते हुए ग्राउंड वाटर को ऊपर लाने को कई विभाग कार्य कर रहे हैं। चेकडैम बनवाए जा रहे हैं, बरसात के पानी को स्टोर करने के लिए तालाबों का निर्माण कराया जा रहा है।”

आगरा मंडल के डार्क जोन की लिस्ट

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आगरा के डार्क जोन ब्लॉक

अछनेरा, अकोला, बरौली अहीर, बिचपुरी, एतमादपुर, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी, खंदौली, सैंयां, शमसाबाद, जगनेर, खेरागढ़।

फिरोजाबाद के डार्क जोन ब्लॉक

खैरगढ़, फिरोजाबाद, नारखी, शिकोहाबाद, टुण्डला, अराव।

मथुरा के डार्क जोन ब्लॉक

बल्देव, नौह झील, राया, फरह। इसके साथ ही मैनपुरी जिले क बरनाहल ब्लाक डार्क जोन में है।

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