अगर आप सांपों से डरते हैं तो यूपी के इस युवा से मिल लीजिए.. डर दूर हो जाएगा

अगर आप सांपों से डरते हैं तो यूपी के इस युवा से मिल लीजिए.. डर दूर हो जाएगासर्पमित्र आदित्य तिवारी।

लखनऊ। बरसात के समय अक्सर सांप काटने से मौतों की घटनाएं होती हैं। मानसून सीजन में सांप ज्यादा दिखने लगते हैं। ज्यादातर लोग सांपों से खौफ खाते हैं, देखते ही जान सूख जाती है। तो कुछ लोग घर-बाहर जहां भी सांप दिखता है उसे मार डालते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं सांप किसान के अच्छे मित्र भी होते हैं। वो खेतों में पैदावार बढ़ाने में मदद भी करते हैं। दुनिया के लाखों लोग भले ही किसानों से अपनी अघोषित दुश्मनी मानते हों लेकिन कुछ लोग इन्हें अपना दोस्त भी मानते हैँ।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आलमबाग के निवासी आदित्य तिवारी (26 वर्ष) बचपन से ही सांपों को पकड़ने का काम कर रहे हैं। वो हंसते हुए बताते हैं, "जब पहली बार स्कूल में मोजे से सांप को पकड़ा था, तो मुझे पता ही नहीं था कि किस सांप को पकड़ा है, लेकिन मोजे में छेद होने के कारण वह सांप वहां से भाग निकला।" वो आगे बताते हैं, "बारिश के मौसम में खेतों के आस-पास बने बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप सहित कई जहरीले जीव उससे बाहर निकल आते हैं।

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नहीं होते सभी सांप जहरीले

भारत में सांपों की लगभग तीन सौ प्रजातियां पायी जाती हैं, इसमें से 70 फीसदी सांप जहरीले नहीं होते। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक जहरीले सांप तीन ही होते हैं। रसल वाइपर, करैत और कोबरा इन तीनों की अलग-अलग खासियत होती है। आदित्य बताते हैं, "कोई भी सांप मनुष्य पर तब तक हमला नहीं करता जब तक उसे खुद के लिए खतरा महसूस नहीं करता है। सांप मनुष्य को देखकर पहले वहां से भागने की कोशिश करता है, लेकिन जब लोग उसे हानि पहुंचाने की कोशिश करते हैं, तो वो खुद को बचाने के लिए सामने वाले पर हमला करता है। आमतौर पर गाँव में जो सांप पाए जाते हैं वो धामिन, पानी वाले सांप और कई सामान्य सांप होते हैं।"

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सांप होते हैं किसानों के दोस्त

आदित्य आगे बतातें हैं, "सांप कभी अपने लिए बिल नहीं बनाता, वो चूहों के बिल में रहता है और चूहों का शिकार करता है। मानसून में चूहे घरों में जाकर छुप जाते हैं, इसलिए सांप भी उनकी तलाश में घरों के भीतर चले आते हैं। कई बार ऐसा होता है कि सांप परिवार में किसी सदस्य पर हमला कर देता है लेकिन लोगों में सही बचाव की जानकारी न होने के कारण सांप और परिवार के सदस्य दोनों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।" वो आगे कहते हैं, "जिस तरह केंचुआ मिट्टी को खाकर उसको उपजाऊ बनाता है, उसी तरह सांप भी किसानों के लिए चूहों को खाकर किसानों की मदद करते हैं।

जहर निकालने के नाम पर चीरा ना लगाएं

आदित्य कहते हैं 70 फीसदी सर्प जहरीले नहीं होते। लोगों की माैत हार्ट अटैक से ज्यादा होती है। सर्पदंश वाली जगह को किसी मोटे कपड़े से बांधे, जिससे खून का प्रवाह धीमा हो जाएगा। कभी भी चीरा नहीं लगाना चाहिए। क्योंकि सांप का जहर हमारे खून में मिलने के बाद ही असर दिखाता है। सर्पदंश का असर नर्वस सिस्टम पर होता है, घाव में चीरा लगने से ब्लड की सप्लाई और कम होने से स्थिति बिगड़ सकती है।

जहरीले सांप के इलाज के लिए एंटी स्नेक वीनम उपलब्ध है।आपके आसपास रहने वाले किसी सर्प विशेषज्ञ व ऐसे डॉक्टर या अस्पताल का नंबर नोट कर लें जिनके पास एंटी स्नेक दवाएं उपलब्ध हों। जैसे ही घर में आस-पास सांप दिखे, विशेषज्ञों की मदद लें।

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