योगी सरकार का पहला बजट, जानिए किसानों और युवाओं को क्या मिला

योगी सरकार का पहला बजट, जानिए किसानों और युवाओं को क्या मिलाउत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार का पहला बजट मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया।

मुख्य संवाददाता

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार का पहला बजट मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट के मुख्य प्राविधान गांव, गरीब और किसान को समर्पित हैं। 36000 करोड़ रुपये में लघु एवं सीमांत किसानों के लिए कर्जमाफी के अलावा गांव में घर, रोजगार, पीने का पानी, दुरुस्त सड़क, बेहतर पढ़ाई, अच्छी सफाई के अलावा पंचायतों को बढ़िया काम करने के लिए पुरस्कारों तक की घोषणा की गई।

वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट पेश किया। राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2017.18 के लिए 3 लाख 84 हजार 659 करोड़ का बजट पेश किया। 55,781 करोड़ रुपए की नई योजनाएं बजट में शामिल की गई हैं। इस बजट में करीब एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं तो सीधे सीधे ग्रामीण क्षेत्र के विकास को आगे ले जाने के लक्ष्य को ध्यान में रख कर बनाई गई हैं। इसके अलावा एक बहुत ही अह्म घोषणा बजट में राज्य सरकार की ओर से की गई कि डेढ़ लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती राज्य सरकार करेगी।

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बजट पेश करने के दौरान अपने भाषण में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पांच साल बाद कोई वित्त मंत्री सदन में बजट पेश कर रहा है। प्रदेश में गरीबी दूर करना हमारी प्राथमिकता है। सबका साथ सबका विकास के लिए हम काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य 10 प्रतिशत की विकास दर प्राप्त करना हैं। हमारा बजट गरीब, बेरोजगार, किसानों के लिए है। बजट में शहर और ग्रामीण सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2017.18 के लिए 3 लाख 84 हजार 659करोड़ का बजट है।

ये बजट राज्य को आगे बढ़ाएगा : योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट के बाद कहा कि, “राज्य का कुल ऋण कम हुआ है। ये बजट प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाएगा। लघु और सीमांत किसानों का ऋण माफी की व्यवस्था बजट में की गई है। शासन की फिजूलखर्ची पर रोक लगाई गई है। तकनीकी का उपयोग किया है। प्रदेश की जीडीपी बढाई गई है। जिससे लाभ मिल रहा है। कर्जमाफी के लिए 36000 करोड की व्यवस्था कर दी गई है। प्रदेश सरकार ने लोक कल्याण संकल्प पत्र में जो संकल्प लिये थे, उनके लिए एक एक कर के पूरा करेंगे।”

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  • राष्ट्रीय क़ृषि विकास के लिए 968 करोड़,
  • पीएम सड़क योजना के लिए 3000 करोड़ रुपये
  • राष्ट्रीय पेयजल योजना के लिए 1000 करोड़
  • पीएम आवास ग्रामीण के लिए 4500 करोड़
  • ग्रामीण राेजगार के लिए 2100 करोड़
  • ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 1000 करोड़
  • दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण अंत्योदय योजना के लिए 212 करोड़
  • स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लिए 3200 करोड़
  • पीएम आवास योजना ग्रामीण के लिए 3000 करोड़
  • किसान पेंशन, वृध्दावस्था पेंशन के लिए 1800 करोड़
  • पारिवारिक लाभ योजना के लिए 500 करोड़
  • निराश्रित विधवा पेंशन के लिए 1100 करोड़
  • निर्धन शादी समारोह के लिए 250 करोड़
  • दीनदयाल ग्राम्य ज्योति के लिए 100 करोड़
  • कृषि शिक्षा के लिए 10 करोड़
  • मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार 15 करोड़
  • हर जिले में पंचायत आदर्श बनाने के लिए 300 करोड़
  • दो नई चीनी मिलों पुरानी चीनी मिलों का विस्तार करेंगे।
  • ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट के लिए 100 करोड़।
  • गांव को पक्के मार्गों से जोड़ने व छोटे पुलों के लिए 451 करोड़
  • छात्रवृत्ति (1203 करोड पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक 948 करोड़, सामान्य 683 अनुसूचित-जनजाति 1950 करोड़)
  • अर्धकुंभ के लिए 500 करोड़
  • नगरीय क्षेत्र में मलिन बस्तियों के लिए 385 करोड़
  • स्वदेश दर्शन के तहत कुछ प्रमुख तीर्थस्थ्लों के लिए अयोध्या, वाराणसी, मथुरा 1200 करोड़ रुपये के
  • सबरी संकल्प के लिए 262 करोड़
  • मातृत्व के लिए 100 करोड़
  • 3972 करोड़ रुपये सड़क गड्ढामुक्त करने के लिए
  • सब्जियों के उत्पादन प्रबंधन के लिए 25 करोड़ का बजट
  • निर्माणाधीन चीनी मिल सठियांव के लिए 33 करोड़ 35 लाख

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कुछ अन्य अह्म घोषणाएं

  • कान्हा उपवन और कांजी हाउस के लिए 40 करोड़
  • दसवीं से ऊपर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 1 हजार 61 करोड़ का बजट
  • दसवीं तक छात्रवृत्ति के लिए 142 करोड़ का बजट
  • अहिल्याबाई निशुल्क शिक्षा योजना के लिए 21 करोड़ का बजट
  • स्कूलों में छात्रों को जूता.मोजाएस्वेटर बांटने के लिए 300 करोड़
  • छात्रों को यूनिफॉर्म और किताबों के लिए 124 करोड़ का बजट
  • स्कूलों में बच्चों को बैग बांटने के लिए 100 करोड़ का बजट
  • सिंगल विंडो क्लीयरेंस के लिए 10 करोड़ का बजट
  • रोजगार प्रोत्साहन के क्रियान्वयन लिए 20 करोड़ का बजट
  • हवाई पट्टियों के निर्माणए रखरखाव, जमीन अधिग्रहण के लिए 400 करोड़
  • बेसहारा पशु आश्रय योजना के लिए 40 करोड़ का बजट
  • बुंदलेखंड की विशेष योजनाओं के लिए 200 करोड़ का बजट
  • उप्र राज्य सडक़ विकास निगम के लिए 50 करोड़ का बजट
  • पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़ का बजट
  • जिला मुख्यालयों को फोर लेन से जोडऩे के लिए 71 करोड़
  • सडक़ों के चौड़ीकरण के लिए 598 करोड़ का बजट
  • मेट्रो रेल परिजयोजनाओं के लिए 288 करोड़ का बजट

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बजट के लिए तय लक्ष्य

  • आबकारी विभाग से 20 हजार 500 करोड़ का लक्ष्य
  • स्टैम्प के लिए रखा गया है 17,458 करोड़ का लक्ष्य
  • वाहन कर से 5 हजार 486 करोड़ का राजस्व लक्ष्य
  • यूपी सडक़ विकास निगम के लिए 50 करोड़ का राजस्व लक्ष्य

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