लश्कर का आतंकी सलीम 7 दिन की पुलिस कस्टडी में 

लश्कर का आतंकी सलीम 7 दिन की पुलिस कस्टडी में आतंकी सलीम। फोटो : साभार इंटरनेट

लखनऊ। मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार लश्कर आतंकी मोहम्मद सलीम को लेकर एटीएस की टीम गुरुवार देर रात लखनऊ पहुंची। एटीएस अधिकारी दिनेश कुमार पूरी ने आतंकी सलीम को न्यायालय में पेश किया। यहां से अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कस्टम) ने पूछताछ के लिए 7 दिनों का पुलिस कस्टडी रिमांड दे दिया है।

आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि, सलीम को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी कि वह आखिर कैसे लश्कर-ए-तैयबा के सम्पर्क में आया एवं उसने इस दौरान भारत में किस तरह के माड्युल खड़ा किया है। बताते दे कि, 2008 से फरार चल रहे सलीम को लेकर आईबी ने लुक आउट नोटिस जारी किया हुआ था। जिससे विगत 16 जुलाई को सऊदी अरब से मुंबई पहुंचते ही सलीम को गिरफ्तार कर लिया गया।

एटीएस को पता चला है कि वह लश्कर के सभी प्रमुख लोगों से मिल चुका है। इसमें कश्मीर से लेकर सरहद पार तक के लश्कर से जुड़े लोगों के संपर्क में रहा और भारत में आतंकी घटनाओं को अंजामे देने के लिए रुपया मुहैया कराता था। साथ ही एटीएस रिमांड पर यह भी जानने का प्रयास करेगी की इस दौरान क्या वह पाकिस्तान में हाफिज सईद से भी मिला है की नहीं।

यूपी एटीएस की टीम उगलवायेगी ये राज

  • सलीम ने कितनी बार और किस पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया।
  • मुज़फ़्फ़राबाद में कितने समय उसने आतंकवाद की ट्रैनिंग ली।
  • सलीम के साथ और कौन-कौन अन्य लोगों ने प्रशिक्षण लिया था।
  • सलीम किन-किन आतंकी घटनाओं में शामिल रहा।
  • आतंकी सलीम किस उद्देश्य से सऊदी गया और वहां प्रवास के दौरान क्या गतिविधियां थी।
  • वर्तमान में देश और विदेश के किन किन आतंकवादियो के वो संपर्क में हैं।
  • क्या वह किसी आतंकी घटना में शामिल रहा है। यदि हाँ तो उसमें इसकी भूमिका क्या थी?
  • किन-किन आतंकी संगठनो से जुड़ा हुआ है?
  • कौन-कौन आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े लोग उसके संपर्क में हैं।

संबंधित खबर : यूपी एटीएस ने मुम्बई एयरपोर्ट से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी को किया गिरफ्तार

ये भी पढ़ें : आईएस खुरासान लखनऊ-कानपुर माड्यूल की बाराबंकी जिले के एक कस्बे में 27 मार्च को विस्फोट की योजना थी, एटीएस ने विफल किया

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top