आतंकियों और अपराधियों का पनाहगाह बनी राजधानी 

आतंकियों और अपराधियों का पनाहगाह बनी राजधानी gaonconnection

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी देखते ही देखते कब आतंकियों और बड़े अपराधियों की पनाहगाह बन गई, जिसके चलते आने वाले वक्त में यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे घंटी है। एटीएस आतंकी सलीम को और एसटीएफ ने छोटा राजन के शार्प शूटर खान मुबारक को पकड़ा तो ऐसी कई सच्चाई सामने आयी, जिससे शहरवासी दहशत में हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां लखनऊ में फैली ऐसे अपराधियों की जड़ों को तलाश रही हैं।

नजाकत और शराफत का शहर के नाम से मशहूर राजधानी लखनऊ आतंक के साए में हैं। यहां आतंकवादियों से लेकर शातिर अपराधियों ने अपनी पैठ मजबूत कर ली है। उनकी जड़े बहुत गहराई में जा चुकी है जिसे तलाश करना अब जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। दरअसल एटीएस ने जब आतंकी सलीम को दबोचा तो उसने कई राज उगले। उसने बताया था कि, वह लखनऊ से आगरा के बीच अपनी गतिविधियों को तेजी से बढ़ा रहा था। उसने यह भी बताया कि राजधानी में उसके कई मददगार है जो आईएसआई के लिए काम करते हैं।

इससे पहले भी काकोरी इलाके में चोरी छिपे एक मकान में रह रहे दो आतंकी को एनकाउंटर में मारा जा चुका है। जबकि आतंकी गतिविधियों में लिप्त मुनीर भी काफी समय तक लखनऊ में रहा था और किसी भी जांच एजेंसी को उसकी भनक तक नहीं लगी थी। इसी मुनीर ने एनआईए अधिकारी तंजील अहमद को गोलियों से भून डाला था।

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वहीं, दूसरी तरफ एसटीएफ के हत्थे चढ़ा छोटा राजन का शार्प शूटर खान मुबारक ने भी बताया कि वह कई बार लखनऊ आ चुका था। यहां वह अपने भाई के रिश्तेदार से मिलता भी था। लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। इतना ही नहीं उसने यह भी कबूल किया कि वह लखनऊ में ही अपना नया अड्डा बना रहा था। वहीं एटीएस आईजी का कहना है कि, आतंकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिसके चलते हमारी टीम ने मुम्बई एयरपोर्ट से लश्कर के आतंकी सलीम को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उन्होंने कहा कि, हमारी सक्रियता के ही चलते काकोरी में छिपा बैठा आतंकी सैफुल्ला सुरक्षा एजेंसियों द्धारा मुठभेड़ मार गिराया गया था।

कैंट और नरही इलाका बना खान मुबारक का सेफ अड्डा

वाराणसी में ठिकाना बनाकर रहने वाला खान मुबारक लखनऊ आता था तो, राजधानी में वह कैंट व नरही इलाके में रुकता था। जांच एजेंसी एसटीएफ अब इस बात की जानकारी जुटा रही है कि आखिर वो कौन से शख्स हैं, जो खान मुबारक के सम्पर्क में थे और इतने बड़े अपराधी को पनाह दिया करता था। इतना ही नहीं जरायम की दुनिया में उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

विधानसभा सत्र के वक्त राजधानी आने के पीछे बड़ा राज छुपा था

एसटीएफ सूत्रों की मानें तो खान मुबारक एक बड़ी डील के चलते लखनऊ आता था और यही पर अपना अड्डा बनाना चाहता था। खासकर विधानसभा सत्र के दौरान खान मुबारक का लखनऊ आना किसी बड़ी घटना की ओर सकेंत दे रहा है। सूत्रों की माने तो खान मुबारक बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को सत्र के बीच में रास्ते से हटाना चाहता था। कुछ समय पूर्व मुख्तार अंसारी ने अपनी जान को खतरा भी बताया था। हालांकि एसटीएफ अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया है। लेकिन हर बिंदु पर पूछताछ की जा रही है।

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