छात्रों और छात्र संगठनों से संवाद स्थापित करे विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन : योगी 

छात्रों और छात्र संगठनों से संवाद स्थापित करे विश्वविद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन : योगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ (भाषा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों एवं छात्र संगठनों के साथ समुचित संवाद स्थापित करना चाहिए क्योंकि संवादहीनता होने पर धरने प्रदर्शन की स्थिति पैदा होती है। प्रदेश के सभी केन्द्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों तथा निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं सभी राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त एवं निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर योगी ने इस सन्दर्भ में विशेष प्रयास की अपेक्षा की है।

योगी ने पत्र में कहा, ''कई बार विश्वविद्यालय या महाविद्यालय प्रशासन तथा विद्यार्थियों के बीच समुचित संवाद स्थापित न होने के कारण विद्यार्थियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समुचित समाधान नहीं हो पाता है और इस वजह से धरना प्रदर्शन की स्थिति उत्पन्न होती है।'' उन्होंने कहा, ''इसलिए यह आवश्यक है कि समय-समय पर विश्वविद्यालय या महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों और छात्र संगठनों के मध्य समुचित संवाद स्थापित किया जाएं तथा छात्रों से जुड़़े विभन्नि पहलुओं तथा समस्याओं को चिन्हित कर उनका समुचित समाधान समय रहते किया जाए।''

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मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय परिसर विशेष रूप से छात्रावासों में अवांछनीय तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश एवं उनके हस्तक्षेप से मुक्त रखने के लिए निगाह रखी जाए। यह सुनश्चिति किया जाए कि प्रतिभाशाली एवं देश के उज्ज्वल भवष्यि के कर्णधार छात्रों को अध्ययन में अवांछनीय तत्वों के कारण असुविधा का सामना न करना पड़े। खासतौर से देश के बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं को पर्याप्त सुरक्षा का माहौल मुहैया कराया जाए।

छात्रावास वॉर्डन, प्राक्टोरियल बोर्ड एवं जिला प्रशासन के मध्य समन्वय स्थापित किया जाए। योगी ने उल्लेख किया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा एवं विशेष तौर पर छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए महावद्यिालय प्रशासन के स्तर से कैम्पस में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराए जाएं तथा प्रशासन से समन्वय कर सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध किए जाएं।

योगी ने कहा कि नए आने वाले छात्र-छात्राओं के प्रवेश के बाद रैगिंग के माध्यम से उत्पीड़न न हो, इसके लिए सुसंगत प्रावधानों को अमल में लाया जाए। उन्होंने कहा कि कुलपतियों एवं प्राचार्यों द्वारा हरसम्भव प्रयास किए जाएं कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा का समुचित माहौल मिले, जिससे वे शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित कर सकें तथा किसी दुष्प्रचार, अराजक-तत्वों आदि से प्रभावित न हों।

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उन्होंने कुलपतियों तथा प्राचार्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी जम्मिेदारी का पूर्ण सदुपयोग करते हुए शिक्षण संस्थाओं में एक उत्कृष्ट एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर का शैक्षिक वातावरण सृजित कर राष्ट्र के नव नर्मिाण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं को केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे-स्टैण्ड-अप इण्डिया, स्टार्ट-अप इण्डिया, डिजिटल इण्डिया तथा स्वच्छ भारत मिशन इत्यादि से भी अवगत कराया जाए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता के मूलभूत सद्धिान्तों का अनुसरण करने के लिए पाठ्यक्रमों में आवश्यक बन्दिु सम्मिलित किए जाएं। उन्होंने अपेक्षा की कि विभागाध्यक्ष के स्तर पर नियमित अन्तराल पर अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित की जाए। कक्षा एवं छात्रावासों में छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनश्चिति की जाए तथा कक्षाओं का नियमित एवं सुचारू संचालन किया जाए।

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